हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का बच्चों से बातचीत के दौरान किया गया एक छोटा-सा सवाल अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है और इसे मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस सरकार पर हमला बोल दिया है.
घटना तब की है जब मुख्यमंत्री सुक्खू एक कार्यक्रम के दौरान कुछ बच्चों से मिलने पहुंचे थे. मुलाकात के दौरान बच्चों ने उत्साह से उन्हें ‘राधे-राधे’ कहकर अभिवादन किया. इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए पूछा कि 'राधे-राधे या नमस्कार?' बच्चे दोबारा ‘राधे-राधे’ बोलते हैं, तो सुक्खू फिर पूछते हैं- 'राधे-राधे क्यों बोल रहे हो?'
वीडियो सामने आते ही बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को ‘राधे-राधे’ सुनकर असहजता हुई, जो उनके “सनातन विरोधी रवैए” को दर्शाती है. पार्टी ने कहा कि “मंदिरों की आस्था पर टैक्स लगाने वाली सरकार का यह रुख किसी से छिपा नहीं है और आगामी समय में जनता इसका जवाब देगी.” बीजेपी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि कांग्रेस और उसके नेताओं को धार्मिक अभिवादन से इतनी समस्या क्यों है.
इसी क्रम में बीजेपी प्रवक्ता प्रत्यूष कंठ ने भी वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि “बच्चों के ‘राधे-राधे’ बोलने पर असहज होकर मुख्यमंत्री उन्हें ‘नमस्ते’ बोलने के लिए कहते हैं. यही कांग्रेस का असली चेहरा है, जिसे जनता अच्छी तरह समझती है.” उनके इस बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया.
इधर घटना पर कांग्रेस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे अनावश्यक विवाद बताते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री की बात को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है. उनका कहना है कि सुक्खू ने बच्चों से बातचीत केवल सहज व्यवहार के रूप में की थी, जिसका गलत अर्थ लगाया जा रहा है. First Updated : Sunday, 30 November 2025