रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी AMCA लड़ाकू विमान के लिए तीन चयनित निजी कंपनियों से मांगे प्रस्ताव
रक्षा मंत्रालय ने भारत के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान AMCA कार्यक्रम के लिए RFP जारी कर दिया है, जिसके तहत शुरुआती चरण में 120 विमान विकसित किए जाएंगे.

नई दिल्ली: रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को भारत के महत्वाकांक्षी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रस्ताव आमंत्रण जारी कर दिया. यह कदम भारत के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान निर्माण कार्यक्रम में बेहद अहम माना जा रहा है. रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यह आरएफपी तीन प्रमुख औद्योगिक समूहों को भेजा गया है, जिनमें लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का गठबंधन, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स तथा भारत फोर्ज-बीईएमएल समूह शामिल हैं.
AMCA परियोजना का उद्देश्य क्या है?
AMCA परियोजना को भारत के रक्षा विमानन क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में गिना जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय वायु सेना के लिए अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक से लैस स्वदेशी लड़ाकू विमान तैयार करना है. इस परियोजना के जरिए भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को और मजबूत करना चाहता है, ताकि उन्नत सैन्य तकनीक के लिए विदेशी निर्भरता कम हो सके.
रक्षा मंत्रालय ने इसी वर्ष फरवरी में टाटा समूह, एलएंडटी और भारत फोर्ज को इस कार्यक्रम के लिए चुना था. खास बात यह है कि सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को इस परियोजना के विकास में शामिल नहीं किया गया है. इसे लेकर रक्षा क्षेत्र में काफी चर्चा भी हो रही है, क्योंकि अब तक लड़ाकू विमान निर्माण में HAL की अहम भूमिका रही है.
सरकार ने कितनी राशि निर्धारित की?
सरकार ने AMCA प्रोटोटाइप के डिजाइन और विकास के लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है. हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू होने के बाद परियोजना की कुल लागत और बढ़ सकती है. शुरुआती योजना के अनुसार भारतीय वायु सेना इस कार्यक्रम के पहले चरण में लगभग 120 लड़ाकू विमानों को अपने बेड़े में शामिल कर सकती है.
परियोजना के तय रोडमैप के मुताबिक, AMCA का प्रोटोटाइप वर्ष 2030 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद 2035 तक इन विमानों के पहले स्क्वाड्रन को भारतीय वायु सेना में शामिल किए जाने की संभावना है. माना जा रहा है कि यह विमान आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा, जिसमें स्टील्थ क्षमता, एडवांस्ड सेंसर और मल्टीरोल ऑपरेशन जैसी विशेषताएं होंगी.
हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले के पुट्टपर्थी क्षेत्र में AMCA परियोजना से जुड़ी एक बड़ी रक्षा अवसंरचना योजना की आधारशिला भी रखी थी. लगभग 16 हजार करोड़ रुपये की इस पहल से रक्षा निर्माण क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से करीब 7,500 रोजगार के अवसर पैदा होंगे और देश में रक्षा उत्पादन तथा तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी.


