Earthquake in Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर में तेज भूकंप के झटके, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग, सड़कों पर मचा अफरातफरी का माहौल

दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई हिस्सों में शुक्रवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोग घबरा गए। जम्मू-कश्मीर में भी धरती हिलने की खबर है, अब इसकी तीव्रता पर नजर है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में शुक्रवार को  भूकंप के झटके महसूस किए गए। राजधानी के साथ कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में भी जमीन हिलने की खबर सामने आई। पंजाब के पठानकोट में भी कंपन महसूस किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में रहा और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 दर्ज की गई।

क्या लोगों में डर का माहौल बना?

जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुए, लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग घबराकर सीढ़ियों और लिफ्ट की ओर भागे। दफ्तरों में काम कर रहे कर्मचारी भी बाहर निकल आए। कुछ लोग सड़कों पर इकट्ठा हो गए। कई जगह लोग फोन पर अपनों का हाल जानने लगे। कुछ समय तक लोग बाहर ही खड़े रहे। माहौल में डर साफ दिखाई दे रहा था।

क्या किसी नुकसान की खबर आई?

अब तक किसी बड़े नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है। न ही किसी घायल या हताहत की सूचना मिली है। हालांकि लोग झटकों की वजह से सहम गए। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राहत की बात यह है कि कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई। फिर भी लोग सतर्क बने हुए हैं। अधिकारी लगातार अपडेट ले रहे हैं।

क्या थी भूकंप की तीव्रता और केंद्र?

प्राथमिक जानकारी के अनुसार भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई है। इसका केंद्र हरियाणा के झज्जर में बताया जा रहा है। यह दिल्ली से करीब 51 किलोमीटर दूर है। भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई में आया था। इसी वजह से झटके दिल्ली-एनसीआर में महसूस हुए। वैज्ञानिक लगातार डेटा की जांच कर रहे हैं।

क्या पहले भी आए थे ऐसे झटके?

इससे पहले भी फरवरी में दिल्ली-एनसीआर में भूकंप आया था। तब सुबह करीब 5 बजकर 36 मिनट पर झटके महसूस किए गए थे। उस समय भी लोग डर गए थे। कई लोग नींद से जाग गए थे। कुछ देर तक लोग घरों से बाहर ही रहे थे। इस बार भी वैसा ही माहौल देखने को मिला।

क्या है भूकंप आने की असली वजह?

वैज्ञानिकों के अनुसार धरती कई टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी है। ये प्लेट्स लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो दबाव बनता है। यह दबाव जब ज्यादा बढ़ जाता है तो प्लेट्स टूटती हैं। इसी से ऊर्जा बाहर निकलती है और भूकंप आता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।

क्या आगे भी खतरा बना रहेगा?

भूकंप के बाद लोगों में डर बना हुआ है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हल्के झटके सामान्य होते हैं। फिर भी सतर्क रहना जरूरी है। प्रशासन और वैज्ञानिक स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। लोगों को घबराने की बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।

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