नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है. इसी के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने 11 नवंबर को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू करने की घोषणा की. सरकार ने राजधानी में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए कक्षा 5 तक के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है. वहीं बाकी के सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों को हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों) में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है. आज सुबह 7 बजे की बात करे तो कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 के पार पहुंच गया.
दिल्ली में 11 नवंबर की सुबह सबसे अधिक प्रदूषित 10 क्षेत्रों में वजीरपुर (458), बवाना (451), चांदनी चौक (449), जहांगीरपुरी (446), मुंडका (444), रोहिणी (442), नेहरू नगर (440), अशोक विहार (439), बुराड़ी क्रॉसिंग (439) और आनंद विहार (438) शामिल रहे.
दिल्ली के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 10 प्रमुख स्थानों पर दर्ज AQI स्तर इस प्रकार रहे:-
विवेक विहार – 436
ITO – 433
आर.के. पुरम – 431
नॉर्थ कैंपस (DU) – 429
मंदिर मार्ग – 413
सिरीफोर्ट – 400
नजफगढ़ – 388
IGI एयरपोर्ट (T3) – 395
लोधी रोड – 304
बुराड़ी क्रॉसिंग – 439
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली का AQI जो 10 नवंबर को 362 दर्ज किया गया था, उसमें तीव्र वृद्धि देखी गई और 11 नवंबर सुबह 9 बजे यह 425 तक पहुंच गया, जिसका कारण शांत हवाएं, स्थिर वातावरण और प्रतिकूल मौसम स्थितियां हैं.
GRAP यानी Graded Response Action Plan एक आपातकालीन योजना है, जो वायु गुणवत्ता के स्तर के अनुसार चरणबद्ध तरीके से लागू की जाती है.
पहला चरण: AQI ‘खराब’ (201-300) होने पर लागू
दूसरा चरण: AQI ‘बहुत खराब’ (301-400) श्रेणी में आने से पहले लागू
तीसरा चरण: AQI ‘गंभीर’ (401-450) स्तर पर पहुंचने से पहले लागू
चौथा चरण: AQI ‘गंभीर+’ (450 से अधिक) होने की स्थिति में लागू किया जाता है