नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया. हौज रानी स्थित एक रेस्टोरेंट में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया. आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं. राहत एजेंसियां लगातार मौके पर मौजूद हैं और आशंका जताई जा रही है कि इमारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लोग फंसे हो सकते हैं.
जानकारी के अनुसार, आग बुधवार सुबह करीब 9 बजे लगी. शुरुआती कुछ मिनटों में ही लपटों और धुएं ने पूरी बिल्डिंग को अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया. रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और हर कोई बाहर निकलने की कोशिश करने लगा. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को जानकारी दी. कुछ ही देर में बचाव दल मौके पर पहुंच गया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हादसे में घायल हुए 37 लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है. डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल जांच पूरी होने के बाद ही उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी. अस्पताल प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने तुरंत बड़ी संख्या में संसाधन मौके पर भेजे. कुल 10 दमकल गाड़ियों को आग बुझाने के काम में लगाया गया. घने धुएं और तेज लपटों के बीच दमकलकर्मियों ने जोखिम उठाते हुए इमारत के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की. लगातार कई घंटों तक चले अभियान के बाद आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया. हालांकि, एहतियात के तौर पर इमारत के हर हिस्से की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई व्यक्ति अंदर फंसा न रह जाए.
हादसे से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. इनमें देखा जा सकता है कि कई लोग जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदने की कोशिश कर रहे हैं. चारों ओर फैला धुआं और लोगों की चीख-पुकार घटना की भयावहता को साफ तौर पर दिखा रही है. वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसी जगहों पर अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित जांच होनी चाहिए.
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि आग किस कारण से लगी. जांच एजेंसियों और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है. शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की संभावना पर विचार किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी. प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. First Updated : Wednesday, 03 June 2026