Delhi Flood News: राजधानी दिल्ली में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है. हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी और लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. प्रशासन अलर्ट मोड पर है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है.
बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बरसात ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. हथिनीकुंड बैराज के गेट खोले जाने के बाद पानी का तेज बहाव सीधे यमुना नदी में आ रहा है, जिससे दिल्ली के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है. सरकार और जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण के एक अधिकारी ने बताया कि वजीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा भारी मात्रा में पानी ही यमुना के जलस्तर में बढ़ने का प्रमुख कारण है. अनुमान लगाया जा रहा है कि जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है.
यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है. वहीं, पुराने रेलवे पुल (ओआरबी) को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है.
दिल्ली प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बुधवार सुबह 9 बजे यमुना का जलस्तर 206.85 मीटर दर्ज किया गया. सुबह 8 बजे तक यह 206.83 मीटर था. अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर कहा है कि जलस्तर 206.90 मीटर तक पहुंच गया है जिससे बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है. लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया है. इससे लोगों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है.
दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार पिछले 63 सालों में यमुना नदी ने 43 बार 205 मीटर का स्तर पार किया है. 14 बार जलस्तर 206 मीटर से ऊपर गया. लेकिन 2023 में यमुना का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर 208.66 मीटर दर्ज किया गया था.
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. पुलिस ने कहा कि बुधवार सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक कई मार्गों और सर्विस रोड पर यातायात प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन लागू रहेंगे.
डब्ल्यू पॉइंट, ए पॉइंट (ITO चौक)
बहादुरशाह जफर मार्ग
दिल्ली गेट
जेएलएन मार्ग
राजघाट और शांति वन क्रॉसिंग
सलीमगढ़ फ्लाईओवर बाईपास
प्रगति मैदान टनल से शांति वन चौक
विकास मार्ग और आईपी मार्ग
पुलिस ने अपील की है कि लोग इन्ही वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें. First Updated : Wednesday, 03 September 2025