छेड़खानी हुई तो परिवार क्या करता? तरुण केस पर AIMIM का बड़ा बयान

उत्तम नगर में तरुण की हत्या के मामले में AIMIM नेता शोएब जमई ने दावा किया कि घटना कथित छेड़खानी के बाद हुए विवाद और आत्मरक्षा की स्थिति में हुई. पुलिस के अनुसार होली के दिन शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें घायल तरुण की बाद में मौत हो गई और मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

दिल्ली के उत्तम नगर में 26 वर्षीय तरुण की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है. इस घटना को लेकर AIMIM ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह मामला केवल एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है और पूरी घटना को समझने की जरूरत है. 

पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई ने क्या कहा?

पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई ने दावा किया कि यह घटना कथित तौर पर एक महिला के साथ हुई छेड़खानी के बाद बढ़े विवाद का परिणाम है और मुस्लिम परिवार ने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी. शोएब जमई ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उत्तम नगर में जो घटना हुई वह बेहद दुखद है, लेकिन उसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है. उनके अनुसार दोनों परिवार कई वर्षों से एक ही इलाके में रहते थे और उनके बीच पहले भी विवाद होते रहे थे. 

उन्होंने कहा कि इस बार मामला तब बढ़ा जब एक मुस्लिम महिला ने छेड़खानी का आरोप लगाया और रोते हुए अपने परिवार के पास पहुंची. जमई का कहना है कि इस पहलू को नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि तरुण अपने साथ जिम से कुछ युवकों को लेकर आया था और इसके बाद दोनों पक्षों के बीच झगड़ा बढ़ गया. जमई के अनुसार इस दौरान दोनों तरफ के लोग घायल हुए, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है. उन्होंने कहा कि झड़प के दौरान मुस्लिम पक्ष के लोगों को भी गंभीर चोटें आईं. इसी घटनाक्रम में तरुण की मौत हो गई, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

AIMIM नेता ने कहा कि अगर किसी महिला के साथ छेड़खानी हुई थी तो परिवार का आत्मरक्षा करना स्वाभाविक है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में केवल एक पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं है, क्योंकि उनके अनुसार दोनों परिवार इस घटना से प्रभावित हुए हैं. उन्होंने मीडिया पर भी आरोप लगाया कि मामले को एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है.

दिल्ली सरकार पर उठाए सवाल

इस बीच जमई ने दिल्ली सरकार पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है. उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि किसी का घर तोड़ने का अधिकार केवल अदालत को है, सरकार को नहीं. उनका कहना था कि अगर किसी पर आरोप है तो न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही दोष तय होना चाहिए.

जमई ने यह भी कहा कि घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और कई मुस्लिम परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने अपील की कि दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव नहीं बढ़ना चाहिए और कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है. AIMIM ने यह भी बताया कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल दोनों परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लेगा.

पुलिस के अनुसार, यह विवाद होली के दिन शुरू हुआ था जब एक बच्ची द्वारा फेंका गया पानी का गुब्बारा पास से गुजर रही महिला पर गिर गया. इसके बाद दोनों परिवारों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई. इस दौरान तरुण पर कथित रूप से कई लोगों ने हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

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