धनतेरस-दिवाली की चमक के बाद सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, MCX पर गोल्ड 11,700 रुपये और सिल्वर 26,000

Gold Price Today: MCX पर गुरुवार सुबह सोना 9% (₹11,779) घटकर ₹1,20,515/10g पहुंचा, जबकि चांदी 16% (₹26,596) से ₹1,43,819/किलो पर, ऑलटाइम हाई से भारी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

Gold Price Today: धनतेरस और दिवाली के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे सोना-चांदी के दामों में अब जोरदार गिरावट दर्ज की गई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार सुबह दोनों कीमती धातुओं में ऑल टाइम हाई स्तर से भारी गिरावट देखने को मिली. सोना जहां करीब 9% टूट गया, वहीं चांदी में 16% तक की गिरावट दर्ज की गई.

MCX के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने का भाव अपने ऑल टाइम हाई ₹1,32,294 प्रति 10 ग्राम से ₹11,779 घटकर ₹1,20,515 प्रति 10 ग्राम रह गया. वहीं, चांदी ₹1,70,415 प्रति किलो के उच्चतम स्तर से ₹26,596 गिरकर ₹1,43,819 प्रति किलो पर पहुंच गई.

 सोना-चांदी के भाव में गिरावट

पिछले दो दिनों की लगातार गिरावट के बाद गुरुवार को सोना और चांदी के दामों में मामूली तेजी देखने को मिली. सुरक्षित निवेश (Safe-Haven) की मांग बढ़ने से सोना बढ़कर $4,120/औंस और चांदी $49/औंस तक पहुंच गई. भारत-अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील (Trade Deal) की खबरों ने बाजार में थोड़ी रौनक लौटा दी. एमसीएक्स पर सुबह दिसंबर गोल्ड वायदा 0.89% बढ़कर ₹1,22,938/10 ग्राम, जबकि दिसंबर सिल्वर वायदा 0.93% बढ़कर ₹1,46,915/किलो पर कारोबार कर रहा था.

विश्लेषकों के मुताबिक, दिसंबर एक्सपायरी तक एमसीएक्स पर सोने की कीमतें ₹1,21,500 से ₹1,23,000 प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकती हैं.

 क्यों टूटा सोना-चांदी का बाजार?

अंतरराष्ट्रीय व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव व अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव और रूस-यूक्रेन विवाद ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर खींचा है. हालांकि, ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच संभावित मीटिंग से बाजार में थोड़ी उम्मीद जगी है.

फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति

इस साल के अंत तक दो और ब्याज दर कटौती की संभावना जताई जा रही है. ब्याज दर घटने से सोना-चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों की मांग बढ़ जाती है.

डॉलर की मजबूती और महंगाई के आंकड़े

अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते ग्लोबल मार्केट में सोने के दाम नीचे आए हैं. निवेशक अब अमेरिका के इंफ्लेशन डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जो फेड की अगली नीतियों को तय करेगा.

 क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

मीडिया के अनुसार, विश्लेषकों का कहना है एक महत्वपूर्ण बढ़त के बाद सोने की कीमतें एक नए अस्थिर चरण में प्रवेश कर चुकी हैं. हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव बना रहेगा, लेकिन दीर्घकाल में यह मजबूत स्थिति में है. उन्होंने आगे कहा कि 1979 के बाद से सोने में यह सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि हो सकती है. इस साल इसमें 54% की सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जिसने मार्च में $3,000 और अक्टूबर में $4,000 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तरों को पार किया है.

ग्लोबल मार्केट में गुरुवार सुबह 3:10 बजे (GMT) तक स्पॉट गोल्ड प्राइस 0.2% गिरकर $4,084.29/औंस, जबकि अमेरिकी दिसंबर वायदा सोना 0.9% बढ़कर $4,100.90/औंस पर कारोबार कर रहा था.

 निवेशकों के लिए संकेत

विश्लेषकों के मुताबिक यह गिरावट लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका हो सकता है. आने वाले महीनों में फेड की नीतियों और ग्लोबल ट्रेड डील पर निर्भर करेगा कि सोने-चांदी की चाल किस दिशा में जाएगी.

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