नई दिल्ली: गुजरात के मेहसाणा जिले से सामने आया यह मामला हर किसी को झकझोर देने वाला है. बेहतर भविष्य की तलाश में पुर्तगाल बसने निकले एक दंपती और उनकी तीन वर्षीय बेटी को लीबिया में अगवा कर लिया गया है. अपहरणकर्ताओं ने परिवार की रिहाई के बदले दो करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की है, जिसके बाद से परिजनों में डर और अनिश्चितता का माहौल है.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है. मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर का होने के कारण राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय को भी सूचित कर दिया गया है. परिजन किसी अनहोनी की आशंका से बेहद परेशान हैं और अपहृत परिवार की सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं.
मेहसाणा पुलिस के अनुसार, अपहरण का शिकार हुआ परिवार जिले के बादलपुरा गांव का निवासी है. अगवा किए गए लोगों की पहचान किस्मतसिंह चावड़ा, उनकी पत्नी हीनाबेन और तीन साल की बेटी देवांशी के रूप में हुई है. परिवार के अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद पूरे गांव में चिंता का माहौल बन गया.
पुलिस अधीक्षक हिमांशु सोलंकी ने बताया कि किस्मतसिंह का भाई पहले से पुर्तगाल में रह रहा है. उसी के माध्यम से यह परिवार भी वहां बसने की योजना बना रहा था. इस प्रक्रिया के लिए उन्होंने पुर्तगाल में बैठे एक एजेंट की मदद ली थी. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शामिल एजेंट भारतीय नहीं हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, यह परिवार 29 नवंबर को अहमदाबाद से दुबई के लिए रवाना हुआ था. इसके बाद उन्हें लीबिया के बेनगाजी शहर ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उनका अपहरण कर लिया गया. उसी के बाद से परिवार का अपने रिश्तेदारों से संपर्क टूट गया.
अधिकारियों के मुताबिक, अपहरण के बाद बदमाशों ने मेहसाणा में रह रहे परिजनों से संपर्क साधा और दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. इस कॉल के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई.
मेहसाणा के जिलाधिकारी एस. के. प्रजापति ने बताया कि शुक्रवार को चावड़ा परिवार के परिजन उनसे मिले थे. इसके बाद पूरे मामले की जानकारी राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय को दे दी गई है. सूत्रों के अनुसार, स्थानीय विधायक सी. जे. चावड़ा ने भी यह मामला राज्य और केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है, ताकि परिवार की सुरक्षित वापसी के लिए जल्द कार्रवाई हो सके.
फिलहाल अपहृत परिवार के परिजन प्रशासन और सरकार पर भरोसा जताते हुए अपने प्रियजनों की सुरक्षित रिहाई का इंतजार कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय अपहरण का मामला होने के कारण सभी की निगाहें अब केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
First Updated : Sunday, 14 December 2025