Fake Aadhaar Infiltration: देश में फर्जी आधार कार्ड के ज़रिए बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक घुसपैठ कर चुके हैं. ये लोग न सिर्फ देश में अवैध तरीके से रह रहे हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं का फायदा भी उठा रहे हैं. अब ये मामला इतना गंभीर हो चुका है कि केंद्र सरकार के गृह और विदेश मंत्रालय दोनों ने इस पर अलर्ट जारी किया है. साथ ही राज्य सरकारों को खास निर्देश दिए गए हैं कि वो फर्जी पहचान वाले लोगों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई करें.
बिहार सरकार ने इस अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों के डीएम, एसएसपी और एसपी को आदेश जारी किया है कि वे आधार कार्ड का ऑफलाइन सत्यापन कराएं. मतलब, अब सिर्फ आधार कार्ड दिखा देने से काम नहीं चलेगा – हर कार्ड को स्कैन कर उसकी असली पहचान जांची जाएगी. इसके लिए एक तय प्रक्रिया यानी SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) भी जारी की गई है.
फर्जी आधार की पहचान करने के लिए UIDAI ने एक नया मोबाइल ऐप बनाया है – mAadhaar. इस ऐप की मदद से आधार कार्ड पर छपा QR कोड स्कैन किया जाएगा. स्कैन करते ही कार्डधारक का नाम, पता, और फोटो ऐप में दिखने लगेगा. इससे तुरंत ये पता चल जाएगा कि आधार असली है या नकली. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इस ऐप को अपने मोबाइल में रखना अनिवार्य कर दिया गया है, खासकर सीमा से जुड़े जिलों में.
सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सिर्फ फर्जी कार्ड बनाने का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित रैकेट काम कर रहा है. ये रैकेट न सिर्फ अवैध घुसपैठ करवा रहा है बल्कि कई मामलों में सीमा पार के अपराधियों से भी जुड़ा हुआ है. ऐसे लोग भारत में आकर आधार के सहारे पैन कार्ड, वोटर ID जैसे अन्य दस्तावेज बनवा लेते हैं और फिर यहां की योजनाओं का फायदा उठाते हैं.
अगर ऐसे फर्जी पहचान वाले लोग देश में रहेंगे, तो ये सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. ये लोग देश विरोधी गतिविधियों में भी शामिल हो सकते हैं. इसलिए सरकार चाहती है कि इनकी पहचान तुरंत हो और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
अगर आपको किसी संदिग्ध व्यक्ति पर शक हो, जिसके पास आधार है लेकिन पहचान मेल नहीं खाती – तो स्थानीय प्रशासन या पुलिस को तुरंत जानकारी दें. अब सरकार का मकसद है – देश में एक भी फर्जी नागरिक न रह पाए. फर्जी आधार कार्ड से देश की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो चुका है. लेकिन सरकार और प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क है. UIDAI की तकनीक और राज्य सरकारों की सख्ती से जल्द ही इन घुसपैठियों का सफाया होगा. First Updated : Friday, 09 May 2025