BJP की जीत के बाद TMC पर पलटवार! अभिषेक बनर्जी पर अमित शाह को धमकी देने का FIR दर्ज

चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने और भड़काऊ भाषण देने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ पश्चिम बंगाल में FIR दर्ज कर ली गई है.

Sonee Srivastav

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. 2026 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषणों को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. आरोप है कि उन्होंने भड़काऊ बयान दिए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी दी थी. 

शिकायतकर्ता का आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार ने चुनाव नतीजे आने के अगले दिन 5 मई को बागुईआटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल से 3 मई के बीच कई रैलियों में विवादित टिप्पणियां की.

इन भाषणों से समाज में दुश्मनी फैलाने और शांति भंग करने की कोशिश की गई. शिकायतकर्ता ने पुलिस को कई वीडियो लिंक भी सौंपे हैं, जिनमें अभिषेक के बयान दर्ज है.

कई धाराओं पर FIR दर्ज

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 15 मई को विधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में औपचारिक FIR दर्ज की. इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192, 196, 351(2) और 353(1)(c) के साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(2) और 125 लगाई गई हैं.

पुलिस के अनुसार, भाषणों में उत्तेजक, धमकी भरी और भड़काऊ बातें थी, जो सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ सकती थी और सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा सकती थी. अभिषेक पर यह भी आरोप है कि उन्होंने विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया. मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ सिंघा रॉय को सौंपी गई है.

टीएमसी में बढ़ रही अंदरूनी कलह

बीजेपी की बड़ी जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस में असंतोष खुलकर सामने आ रहा है. कई नेता अब पार्टी नेतृत्व, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की आलोचना कर रहे हैं. पार्टी ने कोहिनूर मजूमदार, रिजु दत्ता और कार्तिक घोष जैसे प्रवक्ताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निलंबित कर दिया है. 

नेता ने मांगी माफी

निलंबित नेता रिजु दत्ता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर नई सरकार के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारीऔर बीजेपी नेताओं से माफी मांगी है. उन्होंने दावा किया कि पहले तृणमूल के कुछ लोगों ने उन पर सुवेंदु अधिकारी को निशाना बनाने का दबाव डाला था. दत्ता ने यह भी कहा कि चुनाव बाद हिंसा में टीएमसी कार्यकर्ताओं की मदद करने में सुवेंदु अधिकारी की भूमिका अहम रही.

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