कोहरे ने कार्यक्रम में डाला खलल! ताहेरपुर में लैंड नहीं हो सका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलिकॉप्टर, कोलकाता एयरपोर्ट लौटा
पश्चिम बंगाल में घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर ताहेरपुर हेलीपैड पर लैंड नहीं कर सका. इसके बाद हेलिकॉप्टर सुरक्षा कारणों से कोलकाता एयरपोर्ट लौट आया, जिससे उनके कार्यक्रम प्रभावित हुए.

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में शनिवार को मौसम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में बाधा डाल दी. घने कोहरे और बेहद कम दृश्यता के कारण प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर निर्धारित स्थल पर उतर नहीं सका और उसे कोलकाता हवाई अड्डे पर वापस लौटना पड़ा. यह घटना राज्य के ताहेरपुर हेलीपैड पर लैंडिंग के प्रयास के दौरान सामने आई, जहां मौसम अचानक ज्यादा खराब हो गया.
घने कोहरे ने बिगाड़ा लैंडिंग प्लान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ था. ताहेरपुर इलाके में दृश्यता इतनी कम हो गई थी कि हेलीकॉप्टर के सुरक्षित रूप से उतरने की संभावनाएं लगभग खत्म हो गईं. सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पायलट ने लैंडिंग का जोखिम न लेने का फैसला किया.
हेलीपैड के ऊपर मंडराया हेलीकॉप्टर
एक अधिकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर कुछ देर तक ताहेरपुर हेलीपैड के ऊपर मंडराता रहा. इस दौरान पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच लगातार संपर्क बना रहा और मौसम की स्थिति पर नजर रखी जाती रही. हालांकि दृश्यता में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हेलीकॉप्टर को वापस मोड़ने का निर्णय लिया गया.
कोलकाता एयरपोर्ट पर सुरक्षित वापसी
हेलीपैड पर उतरने में असफल रहने के बाद प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर यू-टर्न लेकर सुरक्षित रूप से कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लौट आया. अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला पूरी तरह से मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत लिया गया और इसमें किसी तरह का जोखिम नहीं उठाया गया.
मौसम बना बड़ी चुनौती
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों में इस समय सर्दी के साथ-साथ घना कोहरा देखने को मिल रहा है. खासकर सुबह और दोपहर के समय दृश्यता काफी कम दर्ज की जा रही है. ऐसे हालात हवाई संचालन के लिए चुनौतीपूर्ण होते हैं, खासकर वीआईपी मूवमेंट के दौरान, जहां सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाता.
प्रधानमंत्री की सुरक्षा सर्वोपरि
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा एजेंसियां किसी भी परिस्थिति में जोखिम नहीं उठातीं. खराब मौसम में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग से जुड़े नियम बेहद सख्त होते हैं. अधिकारियों का कहना है कि यदि दृश्यता तय मानकों से नीचे चली जाए, तो लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जाती, चाहे कार्यक्रम कितना ही महत्वपूर्ण क्यों न हो.
कार्यक्रमों पर पड़ा असर
हेलीकॉप्टर के वापस लौटने से प्रधानमंत्री के आगे के कार्यक्रमों पर भी असर पड़ा. हालांकि प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार किया और स्थिति के अनुसार आगे की योजना बनाई. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौसम सामान्य होते ही कार्यक्रमों को फिर से व्यवस्थित किया जा सकता है.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब घने कोहरे या खराब मौसम के कारण वीआईपी उड़ानों को रद्द या डायवर्ट किया गया हो. सर्दियों के मौसम में देश के कई हिस्सों में कोहरा हवाई, रेल और सड़क यातायात को प्रभावित करता रहा है. सुरक्षा के लिहाज से ऐसे फैसले आम और जरूरी माने जाते हैं.


