'जनता ने आपको नकार दिया' RG कार पर शांतनु सेन का तगड़ा वार, TMC प्रवक्ता पद से दिया इस्तीफा
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद शांतनु सेन ने आरजी कार बलात्कार-हत्या मामले और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया.

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य शांतनु सेन ने गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आरजी कार बलात्कार-हत्या मामले और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर पार्टी की नीतियों की खुलकर आलोचना की.
जनादेश का सम्मान करते हुए इस्तीफ
फाशांतनु सेन ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे पत्र में इस्तीफा देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जनता ने टीएमसी को साफ संदेश दिया है. पार्टी को मात्र 294 सीटों में से 80 पर ही जीत मिली. उन्होंने कहा कि जनता के इस फैसले का सम्मान करते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है.
TMC leader and former Rajya Sabha MP Dr Santanu Sen resigns from his post of party's national spokesperson.
His resignation, addressed to party president Mamata Banerjee, reads, "...Even though I did not agree with views during various difficult times, I have fought publicly… pic.twitter.com/1uDOCwup0i— ANI (@ANI) May 28, 2026
आरजी कार और भ्रष्टाचार पर सवाल
सेन ने पत्र में लिखा कि आरजी कार मामले, अभया मामले और नौकरी के बदले रिश्वत जैसे मुद्दों ने आम जनता को पार्टी से दूर कर दिया है. उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से पार्टी के लिए काम करते रहे हैं और कई बार असहमति के बावजूद पार्टी का बचाव किया, लेकिन अब इन गंभीर मुद्दों के कारण वे पार्टी का समर्थन नहीं कर सकते. शांतनु सेन ने लिखा, “मौजूदा हालात में मेरा मन प्रवक्ता के रूप में पार्टी का बचाव करने के लिए तैयार नहीं है.”
पार्टी में बढ़ रहा विद्रोह
शांतनु सेन का इस्तीफा टीएमसी में हो रहे आंतरिक असंतोष को और उजागर करता है. चुनाव हार के बाद कई नेता खुलकर असहमति जता रहे हैं. काकोली घोष दस्तीदार जैसी नेताओं ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है.
दस्तीदार ने हाल ही में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की बैठक में हिस्सा लिया था, जिससे पार्टी में नाराजगी बढ़ गई. उन्होंने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर गाली-गलौज का आरोप भी लगाया है.
डॉक्टर से नेता बने शांतनु सेन
शांतनु सेन मूल रूप से डॉक्टर रहे हैं और बाद में राजनीति में आए. उन्होंने टीएमसी के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया और कोलकाता नगर निगम के पार्षद के रूप में भी काम किया. उनका यह इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन सकता है. शांतनु सेन के इस्तीफे से टीएमसी में असंतुष्ट नेताओं की संख्या बढ़ गई है. पार्टी अब इन मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रही है.


