कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित भांगड़ बम धमाके के मुख्य आरोपी और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने शौकत को इस मामले का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड कहा है. एनआईए ने शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल को भी अलर्ट कर दिया है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने से बच सकें.
बांग्लादेश भागने की थी फिराक
गुरुवार को जब एनआईए की टीम ने दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ तहसील में शौकत मोल्ला के घर पर छापेमारी की थी तब वे चकमा देकर एक मोटरसाइकिल पर फरार हो गए थे. जांच एजेंसी को शुरुआती इनपुट मिले थे कि वे नदी के रास्ते भारत-बांग्लादेश सीमा पार करने की योजना बना रहे थे.
सरेंडर करने की योजना
शौकत ने कोलकाता की एक अदालत में सरेंडर करने की योजना बनाई थी. लेकिन भनक लगते ही एनआईए ने उन्हें कोलकाता के पास ही दबोच लिया. दूसरी तरफ पूर्व विधायक की बेटी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वे नहीं फरार थे बल्कि एनआईए के संपर्क करने पर उन्होंने खुद कानून के सामने सरेंडर किया है.
कच्चे बम बनाने का आरोप
यह मामला 19 मार्च को भांगड़ के दक्षिण बामुनिया गांव में हुए एक भयानक विस्फोट से जुड़ा है. कहा जा रहा है कि विधानसभा चुनाव की कुछ देर पहले वहां एक सुनसान ठिकाने पर कच्चे बम बनाये जा रहे थे. इस भयानक धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय के निर्देशन में अप्रैल में जांच एनआईए को सौंपी गई थी.
मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां
इस मामले में जांच एजेंसी ने तो अब तक 9 ठिकानों पर तलाशी की है. फिर शुक्रवार को एनआईए ने शम्सुल सरदार नामक एक और व्यक्ति को हिरासत में भी ले लिया था जो छापेमारी के समय में शौकत को मोटरसाइकिल पर भगाने की मदद कर चुका था. इससे पहले बम बनाने वालों को लाने-ले जाने वाली गाड़ी के ड्राइवर सैनुर मोल्ला समेत तीन लोगों को पकड़ा जा चुका था.
भांगड़ सीट से करारी हार
शौकत मोल्ला की इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक कुल चार लोग पकड़े जा चुके हैं. हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनाव में शौकत मोल्ला को भांगड़ सीट से करारी हार का सामना करना पड़ा था. जिसके बाद राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली थी. First Updated : Saturday, 06 June 2026