प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुप्रतीक्षित तीन दिवसीय फ्रांस यात्रा सोमवार से शुरू हो गई. इस दौरे में भारत-फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने के साथ-साथ रक्षा, प्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर अहम चर्चा होगी. पीएम मोदी इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ संवाद करेंगे.
अपने प्रस्थान से पहले, पीएम मोदी ने इस यात्रा के प्रति अपनी उत्सुकता जाहिर करते हुए कहा कि यह आयोजन एआई को सार्वजनिक भलाई के लिए इस्तेमाल करने के लिए वैश्विक नेताओं को एकजुट करेगा. यह यात्रा भारत की तकनीकी क्षेत्र में बढ़ती भूमिका और बदलते वैश्विक परिदृश्य में उसकी मजबूत स्थिति को रेखांकित करती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ तीसरे 'एआई एक्शन समिट' की सह-अध्यक्षता करेंगे. यह सम्मेलन एआई तकनीक को अधिक समावेशी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर केंद्रित होगा, जिससे इसका लाभ समाज के हर वर्ग को मिले.इस शिखर सम्मेलन में विश्व के कई प्रभावशाली नेता और टेक्नोलॉजी जगत की प्रमुख हस्तियां हिस्सा लेंगी, जिनमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, चीनी उप प्रधानमंत्री झांग गुओकिंग, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई शामिल हैं.
फ्रांस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की एक हाई-प्रोफाइल बैठक भी होगी, जिसमें रणनीतिक प्रौद्योगिकी, व्यापार, रक्षा सहयोग और परमाणु ऊर्जा सहित कई अहम विषयों पर चर्चा होगी. इसके अलावा, पीएम मोदी मार्सिले शहर का दौरा भी करेंगे, जहां राष्ट्रपति मैक्रों 11 फरवरी को उनके सम्मान में एक विशेष रात्रिभोज का आयोजन करेंगे.
12 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों मार्सिले में स्थित मजारग्यूज़ युद्ध कब्रिस्तान का दौरा करेंगे. यह वही स्थान है जहां प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बहादुरी से लड़ने वाले भारतीय सैनिकों को दफनाया गया था. इस दौरान पीएम मोदी भारतीय वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.
भारत और फ्रांस के बीच संबंध सिर्फ व्यापार और तकनीकी सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी भी है. 26 जनवरी 1998 को दोनों देशों ने पहली बार रणनीतिक साझेदारी स्थापित की थी, जिसके तहत रक्षा और सुरक्षा सहयोग को प्राथमिकता दी गई थी. फ्रांस भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार भी है और हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच कई रक्षा सौदे हुए हैं, जिनमें राफेल लड़ाकू विमान डील भी शामिल है.
फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए रवाना होंगे, जहां वे व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में मोदी की पहली अमेरिका यात्रा होगी. इस यात्रा से यह साफ है कि भारत अपने वैश्विक प्रभाव को और मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी, रक्षा और कूटनीति के अहम मुद्दों पर दुनिया की महाशक्तियों के साथ मिलकर काम कर रहा है. First Updated : Tuesday, 11 February 2025