भारत ने 15 अगस्त 2025 को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया. उनका यह भाषण 103 मिनट लंबा था, जो भारत के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस संबोधन है. मोदी ने खुद ही पिछले साल का 98 मिनट का रिकॉर्ड तोड़ा. इससे पहले उनका सबसे लंबा भाषण 2016 में 96 मिनट और सबसे छोटा 2017 में 56 मिनट का रहा था.
इस भाषण के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. उन्होंने लाल किले से लगातार 12 बार स्वतंत्रता दिवस भाषण देकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड तोड़ दिया. अब वे जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने लगातार 17 बार राष्ट्र को संबोधित किया था.
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कई बड़े और दूरगामी फैसलों का ऐलान किया. ये घोषणाएं न केवल सुरक्षा बल्कि आर्थिक और सामाजिक मोर्चे पर भी देश के भविष्य की झलक दिखाती हैं.
मोदी ने सबसे पहले ‘सुदर्शन चक्र मिशन’ की घोषणा की. यह मिशन भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा कवच को विस्तार और आधुनिकीकरण करने पर केंद्रित होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि 2035 तक भारत अपनी आयरन डोम जैसी आधुनिक रक्षा प्रणाली तैयार करेगा. यह प्रणाली पूरी तरह से भारत में विकसित होगी और इसके अनुसंधान से लेकर निर्माण तक में युवाओं की प्रतिभा का उपयोग किया जाएगा. यह न केवल आतंकवादी हमलों का मुकाबला करेगी बल्कि उन्हें रोकने और नष्ट करने में भी कारगर होगी.
प्रधानमंत्री ने आर्थिक सुधारों की दिशा में अगला बड़ा कदम उठाते हुए जीएसटी सुधारों की घोषणा की. उन्होंने वादा किया कि इस दिवाली पर नागरिकों को बड़ा कर छूट पैकेज मिलेगा. आवश्यक वस्तुओं पर कर घटेंगे और इससे एमएसएमई व छोटे विक्रेताओं को राहत मिलेगी. साथ ही उन्होंने सुधार कार्यबल बनाने का भी ऐलान किया, जो 2047 तक भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की तैयारी करेगा.
रोज़गार के मोर्चे पर मोदी ने प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना शुरू करने का ऐलान किया. इस योजना के तहत सरकार अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखती है. करीब ₹1 लाख करोड़ की इस पहल से नए रोजगार प्राप्त युवाओं को हर महीने ₹15,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इस योजना से लगभग तीन करोड़ युवा प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे.
प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती इलाकों में हो रही घुसपैठ और अवैध प्रवास को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया. इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने उच्चस्तरीय जनसांख्यिकी मिशन शुरू करने की घोषणा की. इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है.
मोदी ने यह भी बताया कि आने वाले दो दशकों में भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को दस गुना बढ़ाया जाएगा. इस दिशा में अभी 10 नए परमाणु रिएक्टरों पर काम चल रहा है. यह कदम भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जाएगा. First Updated : Friday, 15 August 2025