पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड के जनाजे में पहुंचा हिजबुल का चीफ, हथियारों से लैस थे आतंकी

पुलवामा हमले के मास्टमाइंड और मोस्टवांटेड आतंकी हमजा बुरहान का जब जनाजा इस्लामाबाद में निकला तो सड़कों पर उसके समर्थकों के अलावा दशहशतगर्दों की पूरी जमात मौजूद थी। ऐसा लग रहा था मानो जनाजा नहीं दहशत का शक्तिप्रदर्शन हो रहा है।

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पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान को पाकिस्तानक की राजधानी इस्लामाबाद में दफना दिया गया। उसके जनाजे में कई बड़े आतंकी कमांडर शामिल हुए। हिजबुल मुजाहिद्दीन के चीफ सैयद सलाउद्दीन और अल-बदर के प्रमुख बख्त जमीन खान भी मौजूद रहा। जनाजे में मौजूद सारे आतंकी भारी हथियारों से लैस थे। हालांकि इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजााम किए गए थे। 

कैसे मरा मोस्टवांटेड आतंकी?

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड अर्जुनमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी थी। वहीं जब हमजा को इस्लामाबाद में दफनाया जा रहा था तो उस जनाजे में भारत का मोस्ट वांटेड और आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का चीफ सैयद सलाउद्दीन खुद मौजूद था। इसके अलावा कई और आतंकी संगठनों के कमांडर हमजा को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे

जनाजे में किसका खौफ का माहौल?

हमजा के जनाजे में हालांकि सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे लेकिन भारी सुरक्षा और आधुनिक हथियारों के बीच वहां मौजूद सभी आतंकी कमांडरों के चेहरों पर अज्ञात हमलावरों का खौफ भी साफ तौर पर दिखाई देर हा था। आपको बता दें कि हाल के दिनों में पाकिस्तान और पीओके के भीतर कई बड़े आतंकियों की चुन-चुनकर हत्या की गई है जिससे इन आतंकी संगठनों के टॉप कमान के बीच भारी डर का माहौल है। 

जान लीजिए कौन था हमजा बुरहान ?

क्या आप जानना नहीं चाहेंगे कि आखिर हमजा बुरहान कौन  था जिसके जनाजे में आतंकी संगठन के सरगनाओं के साथ साथ पाकिस्तान की आईएसआई के अधिकारी भी मौजूद थे। हमजा बुरहान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का बेहद करीबी माना जाता था। बताया जा रहा है कि आईएसआई में कर्नल रिजवान नाम का अधिकारी उसका मुख्य हैंडलर था जो उसे भारत के खिलाफ साजिश रचने के लिए निर्देश और वीआईपी सुरक्षा मुहैया कराता था। हमजा मुजफ्फराबाद में एक औद्योगिक परिसर में अपना पूरा नेटवर्क चलाया था जिसे माचिस फैक्ट्री कहा जाता है। आपको यह भी बता दें कि 14 फरवरी दो हजार उन्नीस को सीआरपीएफ के काफिल पर हमला हुआ था जिसमें चालीस जवान शहीद हो गए थे। बुरहान बाद में पाकिस्तान में चला गया था और उसने अल बद्र ज्वाइन कर लिया था। 2022 में केंद्र सरकार ने बुरहान को आतंकी घोषित कर दिया था। हाल के दिनों में बुरहान पीओके में अंडरकवर रह रहा था और एक शिक्षक के तौर पर काम कर रहा था। उसको मुजफ्फराबाद के एक प्राइवेट स्कूल में प्रिंसिपल बना दिया गया था। 

कैसे हुई हमजा की हत्या ?

पाकिस्तानी पुलिस के अनुसार बुरहान के सिर में तीन गोलियां मारी गई थीं। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पाकिस्तान पुलिस ने इस घटना के बाद दावा किया उसने एक संदिग्ध को गिरफअतार किया है 
   
  First Updated : Saturday, 23 May 2026

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