चंडीगढ़: देश में भ्रष्टाचार को लेकर सरकारें अक्सर सख्त रुख अपनाने का दावा करती हैं, लेकिन समय-समय पर सामने आने वाले बड़े घोटाले इन दावों पर सवाल खड़े कर देते हैं. बता दें, हरियाणा में सामने आए करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले ने एक बार फिर सरकारी तंत्र की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है.
बता दें, मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को उनकी रिटायरमेंट के दिन गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि अधिकारी का नाम सैकड़ों करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में सामने आया है. इस कार्रवाई के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता लंबे समय तक अधिकारियों और निगरानी एजेंसियों की नजर से कैसे बची रही.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के घोटाले एक-दो दिन में नहीं होते, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रियाओं और कई स्तरों पर निगरानी की कमी का नतीजा होते हैं. ऐसे मामलों में समय रहते गड़बड़ियों की पहचान न होना सरकारी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
इतना ही नहीं, जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े बैंक खातों में जमा सरकारी धन का कथित तौर पर फर्जी तरीके से दुरुपयोग किया गया. आरोप है कि करीब 169 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया गया. इस मामले में दो बैंक अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम देने के लिए कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
देश में सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए कई कानून और निगरानी तंत्र मौजूद हैं. इसके बावजूद समय-समय पर सामने आने वाले ऐसे मामले इस बात की ओर इशारा करते हैं कि नियमों के प्रभावी पालन और जवाबदेही को और मजबूत बनाने की जरूरत है. कई मामलों में अनियमितताओं का खुलासा तब होता है, जब बड़ी रकम का लेन-देन हो चुकाया गया होता है.
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर जांच जारी है और सीबीआई सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है. जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वित्तीय गड़बड़ी कैसे हुई, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और सरकारी धन के दुरुपयोग का पूरा नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था. इस मामले के निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे घोटाले की तस्वीर साफ हो सकेगी. First Updated : Thursday, 02 July 2026