शुक्रवार सुबह दिल्ली-एनसीआर के लोगों की नींद तेज आंधी, तेज हवाओं और भारी बारिश के साथ खुली. इस अचानक बदले मौसम के कारण पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. भारी बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई.
दिल्ली एयरपोर्ट पर मौसम के खराब होने का असर उड़ानों पर भी पड़ा. यहां 100 से अधिक उड़ानों में देरी हुई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से अपील की कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति एयरलाइंस से चेक कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके.
गुरुग्राम में भी बारिश ने तबाही मचाई. शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न हो गए और यात्री तथा ऑफिस जाने वाले लोग घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे. केवल कुछ ही क्षेत्र जलभराव से बचे रह सके. सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के सर्विस लेन (नरसिंहपुर के पास), बसई रोड, सेक्टर 10, झारसा चौक, सेक्टर 4, सेक्टर 7, सेक्टर 9, सेक्टर 48 और सेक्टर 57, साथ ही हनुमान चौक, धनकोट, फाजिलपुर चौक, वाटिका चौक, सुभाष चौक, बघतावर चौक, जैकबपुरा, सदर बाजार, महावीर चौक और डूंडाहेड़ा शामिल हैं.
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस जाम को कम करने के लिए सड़कों पर सक्रिय रही, वहीं नगर निगम के कर्मचारी जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालियों की सफाई और पानी निकालने का प्रयास करते नजर आए. दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, हीरो होंडा चौक, राजीव चौक और इफको चौक पर भी भारी भीड़ देखी गई.
दिल्ली में भी स्थिति कुछ अलग नहीं रही. शहर के कई इलाकों में भारी बारिश से पेड़ उखड़ गए, वाहन बंद हो गए और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई. दिल्ली एयरपोर्ट और मिंटो रोड जैसे स्थानों पर गहरा जलभराव हो गया, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजनू का टीला क्षेत्र का दौरा किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून से पहले सभी संवेदनशील इलाकों की पहचान की जाए और नालियों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और सीवरों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से किया जाए. उन्होंने कहा कि नालियों के जाम और टूटी सड़कों की वजह से जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है, जिसे जल्द से जल्द सुलझाना होगा. First Updated : Friday, 02 May 2025