सोनम वांगचुक अनशन खत्म करने को तैयार, लेकिन सरकार को पूरी करनी होंगी ये शर्तें
सोनम वांगचुक ने कुछ शर्तों के साथ अपना अनशन खत्म करने की सहमति जताई है और इसके लिए केंद्र सरकार से स्पष्ट आश्वासन मांगा है. उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने उनकी कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का भरोसा दिया है.

नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़ी हाल में एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें उन्होंने अपने अनशन को खत्म करने की बात कही हैं. हालांकि इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार के सामने कुछ शर्तें रखी हैं. बता दें, सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर अस्पताल आकर उनसे मिलने और अनशन समाप्त करने की अपील के लिए धन्यवाद दिया। इसके साथ ही सरकार की ओर से उनकी कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का भरोसा भी दिया गया है. इसी बीच चलिए जानते है कि सोनम वांगचुग ने सरकार के सामने क्या शर्तें रखी है.
छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए
अपने पत्र में वांगचुक ने मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए और जवाबदेही तय करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर भी विचार किया जाना चाहिए.
AN APPEAL TO THE GOVERNMENT
regarding breaking my fast…
Once the assurance from govt come I will also appeal to the peacefully protesting students to halt the movement for now and enter into dialogue with the government pic.twitter.com/gR6S8woF5R— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 22, 2026
'चलो संसद' आदोलन का भी किया जिक्र
वांगचुक ने 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, जबकि प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने उम्मीद जताई कि आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई या प्रताड़ना नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर उनका भरोसा कमजोर होगा.
65 सांसदों का आया पत्र
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने भी उन्हें पत्र लिखकर अनशन खत्म करने की अपील की है. कुछ सांसद उनसे व्यक्तिगत रूप से मिले हैं, जबकि अन्य के मिलने की संभावना है. सांसदों ने उनसे कहा कि देश और समाज के लिए उनका योगदान आगे भी जरूरी है.
छात्रों पर नहीं की जाए दंड़ात्मक कार्रवाई
वांगचुक ने कहा कि वह अपने छात्रों और शिक्षा के क्षेत्र में फिर से एक्टिव होना चाहते हैं, लेकिन उन युवाओं के हितों से समझौता नहीं कर सकते जिनके समर्थन से यह आंदोलन शुरू किया गया. उन्होंने सरकार से स्पष्ट और बिना शर्त यह आश्वासन देने की मांग की कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.
उन्होंने साफ कहा कि अगर सरकार यह भरोसा देती है तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे. लेकिन अगर ऐसा आश्वासन नहीं मिलता, तो वह अपना अनशन जारी रखेंगे. इसके साथ ही सोनम वांगचुक ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की असली ताकत इस बात से तय होती है कि वह अपनी बात रखने वाले युवाओं और असहमति जताने वाले नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है.


