खुदाई में मिली 'पिन चुभोई गुड़िया', कील निकालते ही मजदूर बोला- 'कोई आज़ाद हुआ होगा'
निर्माण स्थल पर खुदाई कर रहे एक मजदूर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में मजदूर दावा करता है कि खुदाई के दौरान उसे पिन चुभोई हुई एक रहस्यमयी गुड़िया मिली. इस दावे के बाद वीडियो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

नई दिल्ली: पिन लगी या रहस्यमयी गुड़िया से जुड़ी कहानियां अक्सर लोगों की दिलचस्पी बढ़ाती हैं. लेकिन क्या ये सच होती हैं? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इस सवाल पर फिर चर्चा शुरू कर दी है. वीडियो में एक कंस्ट्रक्शन वर्कर दावा करता है कि खुदाई के दौरान उसे लकड़ी की पिन लगी एक गुड़िया मिली. मजदूर का कहना है कि उसने गुड़िया से पिन निकाल दी, जिससे जिस व्यक्ति के लिए उसे दबाया गया था, वह "आज़ाद" हो गया. हालांकि, सोशल मीडिया पर कई लोग इस दावे को सच नहीं मान रहे हैं और इसे अंधविश्वास या महज एक कहानी बता रहे हैं.
पिनों से भरी थी गुड़िया
वायरल वीडियो किसी विदेशी देश का लगता है, क्योंकि उसमें कंस्ट्रक्शन वर्कर अंग्रेजी में पूरी घटना बताता है. उसका दावा है कि खुदाई के दौरान उसे लकड़ी की एक गुड़िया मिली, जिसमें कई पिन और कीलें लगी हुई थीं. वीडियो में वह प्लास की मदद से एक-एक करके कीलें निकालता है और कहता है कि ऐसा करके उसने उस व्यक्ति को "आज़ाद" कर दिया, जिसके लिए कथित तौर पर यह गुड़िया दबाई गई थी.
जिसने गुड़िया दबाई, उसे भी कोसा
वीडियो में मजदूर गुड़िया से एक-एक करके पिन निकालते हुए उन लोगों की आलोचना करता है, जिन्होंने कथित तौर पर इसे वहां दबाया था. उसका मानना है कि गुड़िया को टोना-टोटका या अंधविश्वास के मकसद से जानबूझकर जमीन में दबाया गया था. वायरल वीडियो में वह प्लास की मदद से सभी पिन निकालता दिखाई देता है.
कहां की है यह घटना?
वायरल वीडियो की सही लोकेशन अभी तक सामने नहीं आई है. इंटरनेट पर कई रिपोर्ट्स देखने के बावजूद यह पता नहीं चल पाया कि यह घटना कहां की है. हालांकि, ब्लॉग पेज LIB ने इस वीडियो को शेयर किया है, लेकिन वहां भी घटना की जगह या अन्य अहम जानकारी नहीं दी गई है.
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वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर अपनी राय दे रहे हैं. कुछ लोगों का मानना है कि गुड़िया से पिन निकालने से किसी व्यक्ति को राहत या "आज़ादी" मिली होगी. वहीं, कई यूजर्स इसे पूरी तरह अंधविश्वास बता रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "आज के समय में भी ऐसी बातों पर विश्वास करना दुखद है".


