Jammu Kashmir Heavy Rain Alert : जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में मंगलवार दोपहर एक भयानक भूस्खलन की चपेट में आने से माता वैष्णो देवी यात्रा पर निकले छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और दर्जन भर से अधिक लोग घायल हो गए. त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित इस पवित्र धाम की यात्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह हादसा अधकुंवारी के पास इंदरप्रस्थ भोज्नालय के समीप दोपहर करीब 3 बजे हुआ, जो मंदिर के 12 किलोमीटर लंबे रास्ते का मध्य बिंदु है. सेना ने राहत और बचाव कार्यों के लिए अपने जवानों को तत्काल तैनात किया, और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.
बारिश का कहर, 24 घंटे में 11 मौतें...
इस घटना के साथ ही बीते 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर में कुल 11 लोगों की जान जा चुकी है. इससे पहले डोडा जिले में सुबह बादल फटने से चार लोगों की मौत हो गई थी और कई घर क्षतिग्रस्त हो गए. तेज बारिश ने कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. अधिकांश नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं.
यात्रा मार्ग बंद, रेल और सड़क यातायात भी प्रभावित
तेज बारिश और लैंडस्लाइड की चेतावनी के बाद रियासी, जम्मू, डोडा, किश्तवाड़, अनंतनाग और कई अन्य जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. श्रद्धालुओं को यात्रा स्थगित करने की अपील की गई है. पहले ही दिन में हिमकोटी मार्ग बंद कर दिया गया था, और पुराने मार्ग से भी यात्रा को दोपहर 1:30 बजे पूरी तरह रोक दिया गया. जम्मू जिले में रात के समय आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. बारिश के कारण नेटवर्क सेवाएं भी बाधित हो गई हैं, क्योंकि कई स्थानों पर फाइबर ऑप्टिक केबल क्षतिग्रस्त हो गए हैं. रेलवे ने जम्मू, उधमपुर और कटरा से चलने वाली 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया है.
जलस्तर खतरे के पार, शेषनाग नाला ने तोड़ा रिकॉर्ड
पहलगाम के बेटाब वैली में शेषनाग नाले ने 6.02 फीट तक जलस्तर पहुंचाकर अब तक का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जबकि इसका खतरे का निशान 5.09 फीट है. अधिकारियों ने अंदेशा जताया है कि ऊपरी क्षेत्रों में बादल फटने जैसी स्थिति रही होगी. इसी प्रकार, झेलम नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है और शाम तक और गंभीर हो सकता है.
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, लोगों से सावधानी की अपील
भूस्खलन और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण जम्मू-पठानकोट और जम्मू-श्रीनगर जैसे प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिए गए हैं. जम्मू-श्रीनगर हाईवे, जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र ऑल-वेदर मार्ग है, उसे एहतियातन सुबह बंद कर दिया गया. रामबन जिले के चंदरकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा जैसे इलाकों में पत्थर गिरने और लैंडस्लाइड की घटनाओं के चलते यातायात रोका गया है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी ढलानों, नदियों और नालों के पास न जाएं, क्योंकि मौसम की स्थिति अभी भी खतरनाक बनी हुई है.
First Updated : Tuesday, 26 August 2025