Nitin Gadkari Statements : केंद्र सरकार द्वारा इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को बढ़ावा देने को लेकर उठ रही आलोचनाओं के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने व्यक्तिगत लाभ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी आमदनी ईमानदारी से होती है और वह किसी भी तरह की धोखाधड़ी में शामिल नहीं हैं.
E 20 के आलोचनाओं पर गडकरी का करारा जवाब
दरअसल, अपने एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने कहा, "मेरा दिमाग 200 करोड़ रुपये प्रति माह का है. मुझे पैसे की कोई कमी नहीं है. मैं ईमानदारी से कमाता हूँ." यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब कुछ आलोचकों ने इथेनॉल कंपनियों से उनके पारिवारिक संबंधों पर सवाल खड़े किए थे. कहा जा रहा था कि उनके बेटों की कंपनियां इथेनॉल व्यवसाय से जुड़ी हैं.
बेटे के गतिविधियों में शामिल नहीं...
गडकरी ने सीधे तौर पर विवाद का जिक्र किए बिना यह स्पष्ट किया कि वे अपने बेटों को केवल सलाह देते हैं, पर किसी प्रकार की अवैध गतिविधि में शामिल नहीं हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया, "मेरे बेटे ने हाल ही में ईरान से 800 कंटेनर सेब आयात किए और भारत से 1,000 कंटेनर केले निर्यात किए." उन्होंने कहा कि इस व्यापार में किसी भी तरह का मौद्रिक लेनदेन ईरान के साथ नहीं हुआ है.
कृषि व व्यापार में निवेश की बात
गडकरी ने यह भी बताया कि उनके पास एक शुगर फैक्ट्री, डिस्टिलरी और पावर प्लांट है, लेकिन उनका उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं है, बल्कि स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा, "मैं कृषि में कोई निजी लाभ के लिए प्रयोग नहीं कर रहा हूँ."
फल बाजार और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा
गडकरी ने एक रोचक पहल का भी ज़िक्र किया, जिसमें उन्होंने नागपुर के सब्ज़ी विक्रेताओं को फल मॉल खोलने की सलाह दी. इसके पीछे उद्देश्य है किसानों और व्यापारियों को शहर के प्रमुख स्थानों पर सीधे बिक्री की सुविधा देना. "मैं यह सब अपनी कमाई के लिए नहीं कर रहा, आप कुछ और सोचें उससे पहले बता दूँ मुझे किसी चीज की कमी नहीं है."
E20 ईंधन को लेकर चल रहे विवाद पर बयान
E20 फ्यूल को लेकर उठ रही आशंकाओं को गडकरी ने खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ "प्रायोजित और राजनीतिक रूप से प्रेरित सोशल मीडिया अभियान" चलाया जा रहा है. उन्होंने दोहराया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल न केवल सुरक्षित है, बल्कि यह आयात पर निर्भरता कम करने, लागत घटाने और प्रदूषण में कमी लाने के लिए आवश्यक है.
E20 से मक्का और गन्ने की मांग बढ़ी
सरकार का कहना है कि E20 एक पर्यावरण-अनुकूल और किसान हितैषी विकल्प है. इससे मक्का और गन्ने जैसे फसलों की माँग बढ़ेगी, जिससे किसानों को लाभ होगा. वहीं, कुछ विशेषज्ञों ने इसके प्रभाव को लेकर खाद्य सुरक्षा, जल संकट, वाहन सुरक्षा और उपभोक्ता विकल्प जैसे मुद्दे उठाए हैं.
नितिन गडकरी ने अपने वक्तव्य से यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि उनकी मंशा व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देना है. उनका कहना है कि वे पारदर्शी ढंग से कार्य करते हैं और किसी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों से उनका कोई संबंध नहीं है.
First Updated : Sunday, 14 September 2025