India 2025 Budget: भारत ने आम बजट 2025-26 में न केवल अपने देश के विकास के लिए जोर दिया है, बल्कि अपने पड़ोसियों की मदद के लिए भी विशेष रूप से ध्यान दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 जनवरी को इस बजट को पेश किया, जिसमें विदेश मंत्रालय को दी जाने वाली सहायता में कुछ बदलाव किए गए हैं. बजट में कुल 50,65,345 करोड़ रुपये का व्यय निर्धारित किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष से 7.4 प्रतिशत अधिक है.
भूटान को मिली सबसे बड़ी सहायता
इस बजट में भूटान को 2,150 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जो पिछले साल के 2,068 करोड़ रुपये से अधिक हैं. भूटान भारत का सबसे भरोसेमंद और प्राथमिक विकास साझीदार बना हुआ है. इस सहायता राशि से भूटान में बुनियादी ढांचे, जलविद्युत परियोजनाओं और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा.
मालदीव के लिए सहायता राशि में बढ़ोतरी
मालदीव को भी इस बार एक बड़ी सहायता मिली है. भारत ने मालदीव के लिए अपनी सहायता राशि 400 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये कर दी है. यह कदम मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़ू की चुनावी जीत के बाद लिया गया है, जब मालदीव ने भारत के साथ अपने रिश्ते सुधारने की दिशा में काम किया.
अफगानिस्तान को मिली कम सहायता
इस बार अफगानिस्तान को भारत की ओर से सहायता राशि में कमी की गई है. जहां पिछले साल अफगानिस्तान को 200 करोड़ रुपये दिए गए थे, वहीं इस बार यह राशि घटाकर 100 करोड़ रुपये कर दी गई है. भारत ने अपनी भागीदारी को अब मानवीय सहायता और आर्थिक सहयोग तक ही सीमित रखा है, क्योंकि तालिबान के साथ रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं.
म्यांमार को बढ़ी सहायता राशि
म्यांमार के लिए भी भारत ने अपनी सहायता बढ़ाई है. इस बार म्यांमार को 350 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जो पिछले साल 250 करोड़ रुपये थे. म्यांमार में राजनीतिक उथल-पुथल और संकट के चलते यह मदद की गई है.
नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश के लिए भी खास आवंटन
भारत ने नेपाल के लिए 700 करोड़ रुपये, श्रीलंका के लिए 300 करोड़ रुपये और बांग्लादेश के लिए 120 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. श्रीलंका को आर्थिक मंदी से उबरने में मदद देने के लिए उसकी सहायता राशि बढ़ाई गई है.
इस तरह से, भारत का बजट न केवल अपने देश की उन्नति के लिए है, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को मजबूत बनाने और उनकी मदद करने के लिए भी है. इस कदम से भारत अपनी पड़ोस नीति को और मजबूत कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति और समृद्धि आएगी. First Updated : Saturday, 01 February 2025