Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. इसी कड़ी में भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. यह फैसला आतंकी घटनाओं में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर बढ़ती नाराजगी और राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है.
इस प्रतिबंध का मतलब है कि अब पाकिस्तान से किसी भी माध्यम, चाहे वह तीसरे देश के जरिए हो या प्रत्यक्ष व्यापार, भारत में कोई सामान नहीं आ सकेगा. यह निर्णय भारत की आक्रामक कूटनीतिक नीति और सख्त सुरक्षा रुख को दर्शाता है.
विदेश व्यापार नीति में बदलाव
नई विदेशी व्यापार नीति (Foreign Trade Policy) में संशोधन करते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने साफ किया है कि "पाकिस्तान से आने वाली या वहां से निर्यात होने वाली कोई भी वस्तु सीधे या परोक्ष रूप से भारत में नहीं लाई जा सकती, जब तक अगला आदेश ना आए." यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने भी सख्त आदेश जारी किया है कि अब पाकिस्तान के झंडे वाले किसी भी जहाज को भारत के किसी बंदरगाह पर आने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. यह फैसला भारत की संपत्तियों, माल और बंदरगाहों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
भारत पहले ही अटारी-वाघा बॉर्डर से व्यापार बंद करने का ऐलान कर चुका है. यह एकमात्र जमीन के रास्ते व्यापार का जरिया था. साल 2023-24 में इस बॉर्डर से लगभग ₹3,886 करोड़ का व्यापार हुआ था. अब यह रास्ता भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है.
हालांकि भारत पाकिस्तान से सीधे बहुत कम सामान आयात करता है, लेकिन कई बार दुबई, सिंगापुर और कोलंबो जैसे देशों के रास्ते पाकिस्तान का सामान भारत में पहुंचता था. इस नए फैसले से पाकिस्तान के छोटे व्यापारियों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर गहरा असर पड़ने की उम्मीद है.
भारत की इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी सभी तरह के व्यापार को सस्पेंड करने की घोषणा कर दी है. दोनों देशों के बीच अब व्यापारिक संबंध पूरी तरह ठप हो गए हैं. First Updated : Saturday, 03 May 2025