‘भारत ने तबाह किए 13 पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट और 11 बेस’... ऑपरेशन सिंदूर पर सेना का बड़ा खुलासा
पहलगाम आतंकी हमले के एक साल बाद भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बड़ी कामयाबी बताया. थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर 65% स्वदेशी हथियारों के दम पर पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.

भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर को देश के सैन्य इतिहास का एक निर्णायक अध्याय बताया है. पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के एक साल बाद सेना, वायुसेना और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों ने इस ऑपरेशन की रणनीतिक सफलता, सैन्य ताकत और उससे मिले सबकों पर विस्तार से जानकारी दी.
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश भारती और वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने संयुक्त रूप से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद और उसके समर्थन तंत्र के खिलाफ भारत की मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है. अधिकारियों के मुताबिक भारत ने इस ऑपरेशन में 13 पाकिस्तानी विमानों को मार गिराया, 11 सैन्य ठिकानों को तबाह किया और 100 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर किया.
शहीद परिवारों को दी श्रद्धांजलि
उस समय DGMO रहे राजीव घई ने सबसे पहले पहलगाम हमले में मारे गए 26 लोगों के परिवारों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत के सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ. उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से सेना को स्पष्ट दिशा-निर्देश और पूरी पेशेवर स्वतंत्रता दी गई थी, जिसके कारण ऑपरेशन को बेहद सटीक और प्रभावी तरीके से अंजाम दिया गया. पाकिस्तान की ओर से भारतीय सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने की हर कोशिश को पूरी तरह विफल कर दिया गया.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ बना सैन्य रणनीति का गोल्ड स्टैंडर्ड
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर को सैन्य और रणनीतिक दृष्टि से गोल्ड स्टैंडर्ड बताया. उन्होंने कहा कि इस अभियान में इस्तेमाल किए गए 65 प्रतिशत से अधिक रक्षा उपकरण स्वदेशी थे, जिसने आत्मनिर्भर भारत की ताकत को साबित किया.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अंततः बातचीत के लिए आगे आना पड़ा और उसने ऑपरेशन रोकने की अपील की. जनरल घई ने स्पष्ट कहा कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा हमेशा दृढ़ता और उच्चतम स्तर की पेशेवर क्षमता के साथ करेगा. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर कोई अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है.
वायुसेना ने दिखाई निर्णायक ताकत
उप प्रमुख वायु स्टाफ एयर मार्शल अवधेश भारती ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को फिलहाल रोका गया है, लेकिन भारतीय सेना की नीति हमेशा लिव एंड लेट लिव यानी जीयो और जीने दो की रही है. उन्होंने कहा, अगर कोई हमारी शांति को कमजोरी समझने की गलती करेगा तो हम निर्णायक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे.
एयर मार्शल भारती ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय बलों को पूरी ऑपरेशनल स्वतंत्रता दी गई थी. पाकिस्तान में पहला हथियार लक्ष्य पर लगते ही भारतीय सैनिकों का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ तथा शहीद परिवारों को आंशिक न्याय मिला. उन्होंने कहा कि भारत की लड़ाई आतंकवादियों और उनके सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ थी. पाकिस्तान की हर रणनीति का भारतीय सेना ने पहले से आकलन कर लिया था और उसी के मुताबिक जवाब दिया गया.
‘मिशन सुदर्शन चक्र’ और आत्मनिर्भर भारत पर जोर
एयर मार्शल अवधेश भारती ने कहा कि आत्मनिर्भरता ही भविष्य का रास्ता है और भारतीय वायुसेना इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि वायुसेना मिशन सुदर्शन चक्र की प्रमुख भागीदार है और ऑपरेशन सिंदूर में उसकी भूमिका ने पूरे अभियान को मजबूत आधार दिया.
नौसेना ने दिखाई समुद्री ताकत
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना ने बैटल कैरियर ग्रुप, पनडुब्बियों और अन्य रणनीतिक संसाधनों को तैनात किया. उन्होंने बताया कि नौसेना ने स्ट्राइक ऑपरेशंस में भी सक्रिय भूमिका निभाई और पाकिस्तान के व्यापार मार्गों पर नियंत्रण स्थापित कर उस पर दबाव बढ़ाया.
वाइस एडमिरल प्रमोद ने कहा कि इस ऑपरेशन ने भारत की समुद्री ताकत और तैयारी को पूरी दुनिया के सामने साबित कर दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना और रक्षा बल अभी भी पूरी तरह अलर्ट मोड में तैनात हैं और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं.
भारत की नई रक्षा नीति का संकेत
ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय सशस्त्र बल अब आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं. तीनों सेनाओं के बीच समन्वय, स्वदेशी हथियारों का इस्तेमाल, पूर्ण ऑपरेशनल स्वतंत्रता और तेज जवाबी कार्रवाई इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषताएं रहीं.
वरिष्ठ अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा किसी भी कीमत पर करेगा. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सैन्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा.


