'भारत बेहद मुश्किल इलाके में है, उसके पड़ोसी कभी भी...', पाकिस्तान के करीबी देश के राजदूत का आया बड़ा बयान

भारत-पाकिस्तान के बीच खराब रिश्तों के बीच अर्जेंटीना के राजदूत सर्जियो गोर ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे सभी की नजर उनके तरफ चली गईं है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: भारत की भौगोलिक स्थिति और अमेरिका के साथ उसके बढ़ते संबंधों को लेकर अर्जेंटीना के राजदूत सर्जियो गोर ने अहम टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के ऐसे क्षेत्र में स्थित है, जहां कई तरह की चुनौतियां मौजूद हैं.

उनके अनुसार भारत के कुछ पड़ोसी देश काफी कठिन परिस्थितियां पैदा करने वाले हैं, इसलिए भारत को हमेशा सतर्क रहना पड़ता है. हालांकि उन्होंने किसी भी देश का नाम नहीं लिया. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है.

भारत-अमेरिका संबंधों को बताया मजबूत

यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट में सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच कई ऐसी समानताएं हैं, जो दोनों देशों की साझेदारी को आने वाले दशकों तक मजबूत बनाए रखेंगी. 

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), तकनीक, विमानन और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में दोनों देशों के पास साथ मिलकर काम करने की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि अगले कुछ वर्षों में यह रणनीतिक साझेदारी और अधिक मजबूत होगी.

व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंची

गोर ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर लगभग 18 महीने से बातचीत चल रही है और अब यह अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. उनके अनुसार समझौते का अधिकांश हिस्सा तैयार हो चुका है और केवल कुछ मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश जल्द ही इस समझौते को अंतिम रूप दे देंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में समय लगना सामान्य बात है. यूरोप के साथ समझौते का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां बातचीत में कई साल लगे थे, जबकि भारत के साथ प्रक्रिया कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ी है.

मोदी और ट्रंप के रिश्तों का किया जिक्र

सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत संबंधों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच अच्छा तालमेल द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती दे रहा है. गोर के अनुसार ट्रंप अपनी भारत यात्रा को आज भी याद करते हैं और उसे अपने सबसे यादगार विदेशी दौरों में से एक मानते हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं. यदि प्रस्तावित व्यापार समझौता जल्द पूरा होता है तो यह लक्ष्य हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो