राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में SIT को मिला 15 दिन का अतिरिक्त समय, अब 15 जुलाई को आएगी अगली रिपोर्ट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच समिति (एसआईटी) को जांच के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है. SIT द्वारा मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है, जिसके बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया. अब एसआईटी को 15 जुलाई को अपनी अगली रिपोर्ट सौंपनी है.

Shraddha Mishra

अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है. करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़े इस मामले में विशेष जांच समिति (SIT) को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है. शुरुआती जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा चुकी है और अब समिति 15 जुलाई तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी. इस बीच मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई हैं.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर रही एसआईटी को अपनी जांच आगे बढ़ाने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है. समिति पहले ही अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप चुकी है. अब जांच दल 15 जुलाई को अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को देगा. अधिकारियों का मानना है कि इस अतिरिक्त समय के दौरान कई अहम तथ्यों की पुष्टि की जाएगी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच होगी.

शुरुआती जांच में सामने आए कई अहम तथ्य

एसआईटी की अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं. जांच के दौरान यह संकेत मिले हैं कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि कथित तौर पर एक ही बार में नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर निकाली गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोरी की गई रकम का उपयोग विभिन्न स्थानों पर निवेश करने के लिए भी किया गया. जांच एजेंसियां अब पैसों के पूरे लेन-देन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं.

जेल में आरोपियों से हुई लंबी पूछताछ

मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है. अदालत से अनुमति मिलने के बाद पुलिस टीम ने मंगलवार को जेल पहुंचकर करीब दो घंटे तक आरोपियों से सवाल-जवाब किए. बताया जा रहा है कि सबसे अधिक समय आरोपी अविनाश मिश्रा से पूछताछ में लगाया गया. जांच के दौरान उससे कथित तौर पर पूरे घटनाक्रम और धन के लेन-देन से जुड़े कई पहलुओं पर जानकारी ली गई. सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने चोरी से जुड़े घटनाक्रम के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं, जिनकी अब जांच एजेंसियां अलग-अलग स्तर पर पुष्टि कर रही हैं.

दान राशि की गणना प्रक्रिया भी जांच के दायरे में

पूछताछ के दौरान दान राशि की गणना प्रक्रिया को लेकर भी कई बातें सामने आई हैं. जांच में यह देखा जा रहा है कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती किस तरह की जाती थी और उसमें किन-किन लोगों की जिम्मेदारी तय थी. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम भी सामने आया है. हालांकि जांच एजेंसियां इस संबंध में सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं और आधिकारिक रूप से किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

आठ आरोपी पहले ही भेजे जा चुके हैं जेल

इस मामले में पुलिस ने पिछले सप्ताह एफआईआर दर्ज करने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपियों में टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश और अवनीश शुक्ला शामिल हैं. सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जहां से पुलिस ने पूछताछ की अनुमति प्राप्त की.

चाबी और रकम के बंटवारे को लेकर भी जांच

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई है कि गणना कक्ष की एक चाबी आरोपी टिन्नू यादव के पास रहती थी, जबकि दूसरी चाबी बैंक कर्मचारियों के पास होती थी. जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि दान राशि तक पहुंच किस तरह संभव हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित तौर पर चोरी की गई रकम का बंटवारा किस प्रकार किया गया और उसका इस्तेमाल कहां-कहां हुआ.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो