झारखंड को बड़ी सौगात, धनबाद में 2 करोड़ से तैयार हुआ 'कोल नीर' प्रोजेक्ट, 30 जून को कोयला मंत्री करेंगे उद्घाटन
झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र से पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर एक बेहद सराहनीय खबर सामने आ रही है. धनबाद स्थित बीसीसीएल के पुटकी-बलिहारी क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 'कोल नीर' प्रोजेक्ट की स्थापना की जा रही है.

रांची: झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र से पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर एक बेहद सराहनीय खबर सामने आ रही है. धनबाद स्थित बीसीसीएल (BCCL) के पुटकी-बलिहारी क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 'कोल नीर' प्रोजेक्ट की स्थापना की जा रही है. बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को इस परियोजना के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और यहां स्थापित हो रहे बॉटलिंग प्लांट का बारीकी से निरीक्षण किया. आगामी 30 जून को देश के कोयला मंत्री इस महत्वाकांक्षी 'कोल नीर' प्रोजेक्ट का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मंत्री महोदय व्यक्तिगत रूप से धनबाद पहुंचेंगे या वर्चुअल माध्यम से ऑनलाइन इसका लोकार्पण करेंगे.
अत्याधुनिक आरओ तकनीक से रिसाइकिल होगा माइन वाटर
इस पर्यावरण-अनुकूल परियोजना के तहत कोयला खदानों से निकलने वाले माइन वाटर को आधुनिक रिवर्स ऑस्मोसिस तकनीक के जरिए पूरी तरह शुद्ध कर पीने योग्य बनाया जाएगा. इसके बाद इस पानी की पैकेजिंग कर इसे 'कोल नीर' ब्रांड के नाम से बाजार और सरकारी विभागों में उतारा जाएगा. परियोजना के पहले चरण के तहत बीसीसीएल के पीबी एरिया में पहला बॉटलिंग प्लांट लगाया जा रहा है.
कमर्शियल उपयोग पर विचार किया जाएगा
पीबी एरिया के जीएम जीसी साहा ने तकनीकी विवरण साझा करते हुए बताया कि इस प्लांट की क्षमता प्रति मिनट 20 लीटर शुद्ध पेयजल उत्पादन की होगी. खदानों के पानी को रिसाइकिल कर इसे 250 मिलीलीटर, 500 मिलीलीटर और 1 लीटर की बोतलों में पैक किया जाएगा. सीएमडी मनोज अग्रवाल के मुताबिक, शुरुआत में इस पानी का उपयोग स्वयं बीसीसीएल के कार्यालयों व संयंत्रों में किया जाएगा. जिसके बाद दूसरे चरण में इसके कमर्शियल उपयोग पर विचार किया जाएगा.
दुग्दा सोलर प्लांट और एएमपी कोलियरी का भी हुआ निरीक्षण
सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल निदेशक मंडल के सदस्यों के साथ दुग्दा स्थित बीसीसीएल के 20 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट भी पहुंचे. वहां उन्होंने सौर ऊर्जा उत्पादन और संयंत्र के संचालन की समीक्षा की. इस दौरे के अंत में उन्होंने प्रसिद्ध दुग्दा पहाड़ी मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की और कर्मियों की सुरक्षा की कामना की.
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
कोल इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक चंद्र प्रकाश गर्ग ने भी शुक्रवार को बीसीसीएल बरोरा क्षेत्र की एएमपी कोलियरी का दौरा किया. उन्होंने मानसून के आगमन से पहले ओबी फेस और डिपार्टमेंटल कोल फेस का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के दौरान खदानों में जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था रखी जाए ताकि किसी भी प्रकार के सुरक्षा जोखिम या संभावित हादसों को पूरी तरह टाला जा सके.


