94 वर्षीय महिला के देश प्रेम को सलाम, अमेरिका की नागरिकता छोड़ लौटीं भारत, वजह जानकर आंखें भर आएंगी
94 वर्षीय बुजुर्ग महिला कोंद्रगुंटा महालक्ष्मीम्मा ने अपनी अमेरिकी नागरिकता का त्याग कर दिया है. जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़ी इस बुजुर्ग महिला की अब सिर्फ एक ही अंतिम इच्छा है.

नई दिल्ली: बेहतर भविष्य, सुख-सुविधाओं और आधुनिक जीवनशैली की चाहत में हर साल लाखों भारतीय विदेशों का रुख करते हैं और वहीं की नागरिकता ले लेते हैं. लेकिन इसके विपरीत, कुछ लोगों के दिलों में अपनी मातृभूमि के प्रति लगाव और मिट्टी की खुशबू उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी उतनी ही शिद्दत से जिंदा रहती है. इसका एक जीता-जागता और भावुक कर देने वाला उदाहरण आंध्र प्रदेश में सामने आया है. जहां 94 वर्षीय बुजुर्ग महिला कोंद्रगुंटा महालक्ष्मीम्मा ने अपनी अमेरिकी नागरिकता का त्याग कर दिया है. जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़ी इस बुजुर्ग महिला की अब सिर्फ एक ही अंतिम इच्छा है. वह दोबारा अपने देश की आधिकारिक नागरिक बनें और भारत की धरती पर ही अपनी अंतिम सांस लें.
18 साल अमेरिका में गुजारे
मूल रूप से आंध्र प्रदेश की रहने वाली कोंद्रगुंटा महालक्ष्मी अपने पति के निधन के बाद अपने बेटों के पास अमेरिका चली गई थीं. उनके बेटे अमेरिका में एक प्रमुख कैंसर विशेषज्ञ के रूप में काम कर रहे हैं. साल 2000 में महालक्ष्मी को अमेरिका की नागरिकता मिल गई थी. लगभग 18 वर्षों तक अमेरिका में रहने के बाद भी उनका दिल हमेशा भारत से जुड़ा रहा. साल 2018 में वह अपने बेटे के साथ वापस भारत लौट आईं. अब वह अपनी भारतीय नागरिकता वापस पाने के लिए अपने बेटे के साथ आंध्र प्रदेश के बापटला जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं.
कलेक्टर के सामने महालक्ष्मी का दर्द
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर जिला कलेक्टर के साथ महालक्ष्मी की मुलाकात का एक भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह धीमी लेकिन दृढ़ आवाज में अधिकारियों से कहती हैं, अब मेरी उम्र 94 साल है और जीवन का कोई भरोसा नहीं है. मेरी एकमात्र इच्छा है कि मैं एक गर्वित भारतीय नागरिक के रूप में इस दुनिया से विदा लूं. मैं चाहती हूं कि मेरी मृत्यु के बाद मेरा अंतिम संस्कार मेरे पैतृक गांव की मिट्टी में किया जाए. उन्होंने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि उन्होंने अमेरिकी नागरिकता छोड़ दी है और भारत के संविधान और देश के सभी नियमों का पालन करेंगी.
Kondragunta Mahalakshmamma, 94, from AP, gave up her US citizenship so she could live the rest of her life in INDIA. She personally went to the local administration and asked to have her Indian citizenship restored. Local news said she met the District Magistrate. pic.twitter.com/oUEGcHDR9Q
— Monojit Sinha (@MonojitSinha11) June 26, 2026
आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी?
बुजुर्ग महिला की मार्मिक अपील सुनकर जिला प्रशासन भी भावुक हो गया. बापटला के जिला कलेक्टर ने उन्हें नियमों के तहत नागरिकता बहाली की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया. प्रशासनिक नियमों के अनुसार, सबसे पहले स्थानीय खुफिया विभाग स्तर पर दस्तावेजों की जांच होगी. इसके बाद जिला प्रशासन इस रिपोर्ट को राज्य सरकार के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगा. इसके बाद ही भारतीय नागरिकता कानून के तहत उन्हें दोबारा पासपोर्ट और नागरिकता संबंधी प्रमाण पत्र जारी किया जा सकेगा.


