झारखंड: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के सरकारी कर्मचारियों और आम जनता के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए. इस बैठक में कुल 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. सरकार ने जहां एक तरफ राज्यकर्मियों को वित्तीय राहत देते हुए एडवांस सैलरी की सुविधा देने का ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर जंगली जानवरों के हमले से होने वाले जान-माल और फसल के नुकसान की मुआवजा राशि में भारी बढ़ोतरी की है.
राज्यकर्मियों के लिए डिजिटल एडवांस सैलरी स्कीम
कैबिनेट की बैठक के बाद प्रधान सचिव वंदना दादेल ने बताया कि झारखंड के सरकारी कर्मचारियों को अब उनकी जरूरत के समय 30 दिनों का अग्रिम वेतन मिल सकेगा. यह पूरी प्रक्रिया 100% डिजिटल होगी, जिसके तहत चौबीसों घंटे यह सेवा उपलब्ध रहेगी. इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं.
ब्याज मुक्त वापसी
यदि कर्मचारी अग्रिम ली गई राशि को उसी महीने या अगले महीने वापस कर देते हैं, तो उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क या ब्याज नहीं लिया जाएगा.
आसान ईएमआई विकल्प
कर्मचारी इस राशि को चुकाने के लिए 2 महीने से लेकर 60 महीने तक की अवधि का विकल्प चुन सकते हैं. यह राशि उनके वेतन से मासिक ईएमआई के रूप में काटी जाएगी.
आपातकालीन फंड
विशेष परिस्थितियों या बड़े खर्चों के लिए कर्मचारी अपनी मासिक आय का 30 गुना तक फंड प्राप्त कर सकेंगे. इस सुविधा को धरातल पर उतारने के लिए नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) और वित्तीय संस्थानों का चयन किया जाएगा.
जान जाने पर अब 10 लाख का मुआवजा
राज्य सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए मुआवजा राशि में व्यापक संशोधन किया है. अब जंगली जानवरों (हाथी, भालू आदि) के हमले में किसी नागरिक की जान जाने पर 4 लाख रुपये की जगह 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा.
गंभीर रूप से घायल: 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये.
आंशिक रूप से घायल: 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 35 हजार रुपये.
अपंगता होने पर: 3.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.50 लाख रुपये.
घरेलू सामान के नुकसान की भी होगी भरपाई
कैबिनेट ने किसानों और पशुपालकों को राहत देते हुए फसल व मवेशियों के नुकसान पर भी मुआवजा राशि बढ़ा दी है.
फसल क्षति: आम किसानों को प्रति हेक्टेयर 32,500 रुपये की जगह अब 42,500 रुपये मिलेंगे. बंटाईदार किसानों के लिए यह राशि 21,667 रुपये से बढ़ाकर 28,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है. आलू, प्याज, टमाटर और फलों जैसी नकदी फसलों के नुकसान पर डेढ़ गुना मुआवजा मिलेगा.
पशुधन की हानि: स्टॉल फीडिंग वाली गाय, भैंस या बैल की मृत्यु पर 50 हजार की जगह 60 हजार रुपये और खुले में चरने वाले मवेशियों के लिए 25 हजार की जगह 30 हजार रुपये दिए जाएंगे. भेड़-बकरी की मौत पर अब 5,000 की जगह 10,000 रुपये का प्रावधान किया गया है.
सामान का नुकसान: साइकिल, रिक्शा या बर्तन टूटने पर 5,000 रुपये और बाइक, स्कूटी या फर्नीचर की क्षति होने पर 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. First Updated : Tuesday, 16 June 2026