खेत बेचकर MBBS कराया..., प्लेन क्रैश में बेटे की मौत पर कैमरे के सामने अपने आंसू नहीं रोक पाए पिता

रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस जंगल में क्रैश हो गई, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई. इन सातों लोगों में पायलट, डॉक्टर और मरीज शामिल थे. मृतक डॉक्टर के पिता का एक बयान सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए मीडिया को अपनी आपबीती बताई.

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चतरा: झारखंड के चतरा जिले में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस जंगल में क्रैश हो गई, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई. इस दुखद घटना ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया.

मृतकों में शामिल डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता के पिता ने मीडिया से बात करते हुए ऐसी जानकारी बताई, जिसे सुन हर किसी की आंखे भर आई 

हादसे का पूरा विवरण

यह विमान रेडबर्ड एयरवेज का बीचक्राफ्ट सी90 (टेल नंबर VT-AJV) था. इसमें दो पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन सवराजदीप सिंह, मरीज संजय कुमार (41 वर्ष), डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा और दो अटेंडेंट अर्चना देवी व धुरु कुमार सवार थे. मरीज संजय होटल में लगी आग से बुरी तरह झुलस गए थे और बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाए जा रहे थे. 

टेकऑफ के करीब 20-23 मिनट बाद शाम लगभग 7:34 बजे पायलटों ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया. उन्होंने खराब मौसम और आंधी-तूफान की वजह से रूट बदलने की बात कही. इसके तुरंत बाद कम्युनिकेशन टूट गया और विमान रडार से गायब हो गया. यह चतरा जिले के सिमरिया के पास घने जंगल में क्रैश हो गया.

डॉक्टर के पिता का दर्द भरा वीडियो

हादसे के बाद जब डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता के पिता बजरंगी प्रसाद शव देखने पहुंचे, तो वे फूट-फूटकर रो पड़े. कैमरे पर उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए सारी जमीन-खेत बेच दिए थे. बेटा मेधावी था, उसने ओडिशा के कटक से एमबीबीएस किया और रांची के सदर अस्पताल में तैनात था. 

पिता ने बताया, "मेरा बेटा मुझे बोला था कि वह एक मरीज के साथ दिल्ली जा रहा है, लेकिन फिर प्लेन क्रैश की खबर आई और वह हमेशा के लिए चला गया." उनके पास 7-8 साल का पोता भी है, जिसका अब सहारा छिन गया. पिता की चीखें सुनकर आसपास के लोग सहम गए. 

मरीज परिवार की मजबूरी

मरीज संजय कुमार के परिवार ने भी एयर एम्बुलेंस के लिए करीब 8 लाख रुपये रिश्तेदारों से उधार लिए थे. उन्हें उम्मीद थी कि दिल्ली में एडवांस इलाज से जान बच जाएगी, लेकिन यह उम्मीद दुखद हादसे में बदल गई. 

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची.सभी शव बरामद कर चतरा अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए. DGCA और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो जांच कर रहे हैं. संभावित कारण खराब मौसम या तकनीकी खराबी बताई जा रही है.  First Updated : Tuesday, 24 February 2026