करीबी कल्याण का ममता को दो टूक, ममता मुझे चुनें या फिर अभिषेक को

अब ममता के बेहद करीबी भी बागी तेवर दिखा रहे हैं। कल्याण बनर्जी ने ममता को दो टूक कह दिया है कि या तो ममता मुझे चुनें या फिर अभिषेक बनर्जी को। दरअसल टीएमसी के जितने भी बागी नेता है उनकी सबसे ज्यादा नाराजगी ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से।

Kundan Kumar
Edited By: Kundan Kumar

ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। विधायक और सांसद उनका लगातार साथ छोड़ते जा रहे हैं और अब उनके सबसे करीबी और भरोसेमंद कल्याण बनर्जी ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। उन्होंने साफ-साफ कहा कि ममता दीदी को तय करना होगा कि वे मेरे साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के साथ। अभिषेक को सीनियर नेताओं का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत अहंकारी है। इसी वजह से पार्टी बर्बाद हुई है। उन्होंने आगे कहा कि " अगर ममता दीदी को अभिषेक बनर्जी पर ही निर्भर रहना है तो उनके साथ रहें और मुझे छोड़ दें। अगर उनसे अलग रास्ता चुनती हैं तो मैं ममता दीदी के साथ हूं।''

क्यों नाराज हैं कल्याण बनर्जी?

कल्याण बनर्जी की नाराजगी की वजह टीएमसी का फर्जी साइन केस हैं। उन्होंने बताया कि ''मुझे आधी रात को बताया गया कि इस केस से जुड़े वकील बदल दिए गए हैं। इनमें मैं भी था। यह अपमानजनक है।'' इधर, TMC के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। पिछले चार दिनों में 13 में से तीन राज्यसभा सांसद ममता को छोड़कर जा चुके हैं। 10 जून को सुष्मिता देव ने रिजाइन किया था। 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सदस्यता और पार्टी छोड़ी थी। इससे पहले TMC की बागी सांसद काकोली घोष ने दावा किया था कि 20 लोकसभा सांसद अलग गुट बना चुके हैं। वहीं, बंगाल के 80 में से 58 TMC विधायक अलग गुट बना चुके हैं।

''भविष्य में मैं क्या करूंगा, यह समय ही तय करेगा''

उधर इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रकाश चिक ने कहा- पश्चिम बंगाल में लोगों का फैसला भाजपा के पक्ष में था। पार्टी ने वहां सरकार बनाई। मेरे अपने चुनाव क्षेत्र में हम एक भी सीट नहीं जीत पाए। उत्तर बंगाल में भी नतीजे अच्छे नहीं रहे।इस जनादेश को देखते हुए मुझे लगा कि अब मेरे पद पर बने रहना ठीक नहीं है। इसलिए, मैंने अपने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। आगे इंतजार कीजिए, समय के साथ सब सामने आएगा। मैं अभी बूढ़ा नहीं हूं। भविष्य में मैं क्या करूंगा, यह समय ही तय करेगा। वहीं कल्याण बनर्जी के बेटे शिरसान्य बंदोपाध्याय ने कहा कि '' समस्या यह है कि अभिषेक बनर्जी किसी पर भरोसा नहीं कर सकते। वह हम पर भी भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। वह एक दूसरी लाइन तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने हाईकोर्ट, जिला कोर्ट, सब डिविजनल कोर्ट जहां भी मुमकिन है उनकी मदद करने की कोशिश की है।''

टीएमसी सांसदों के अलग गुट पर सस्पेंस

टीएमसी के बागी सांसदों के नाम अब तक सामने नहीं आए हैं। सांसद और बागी नेता काकोली धोष ने 8 जून को दावा किया था कि 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। स्पीकर ओम बिरला को इनके समर्थन की चिट्ठी दे दी गई है। इसके बाद काकोली ने कुछ बागी सांसदों के साथ केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात और बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ दिल्ली में बैठक भी की थी। इसके बाद 10 जून को एक लिस्ट सामने आई जिसमें सायोनी घोष , यूसूफ पठान और शत्रुध्न सिन्हा समेत 19 सांसदों के नाम थे। हालांकि 11 जून को शत्रुध्न सिन्हा ने कहा कि वह ममता और टीएमसी के साथ हैं क्योंकि उन्होंने मेरे बुरे वक्त में साथ दिया था।

अभिषेक बनर्जी को फिलहाल राहत 

कलकत्ता हाईकोर्ट ने TMC सांसद और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को फर्जी हस्ताक्षर मामले में अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ तीन हफ्तों तक किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हालांकि जस्टिस कौशिक चंदा की बेंच ने अभिषेक को आज शाम 6 बजे तक कोलकाता स्थित CID मुख्यालय भवानी भवन में पेश होकर जांच में शामिल होने का निर्देश भी दिया है। उधर ममता भी तीन दिन दिल्ली में रहीं, अभिषेक बनर्जी पांच दिन दिल्ली में रहे। 10 जून को अभिषेक ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी, वहीं 9 जून को ममता सोनिया गांधी से मिली थीं। इसके अलावा इंडिया ब्लॉक की मीटिंग में भी शामिल हुए। 

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