केदारनाथ दर्शन को लेकर बड़ी संख्या में लोगों का जाना और फिर वहां फैले अव्यवस्था ने सरकार को झकझोंर कर रख दिया। वहां से लोगों ने अपनी आपबीती और रोते-बिलखते वीडियो सोशल मीडिया पर डाले। इसके बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत इसको लेकर बैठक बुलाई और यह निर्देश दिए खि चारधाम यात्रा के दौरान धामों की धारण क्षमता के अनुरुप दर्शन को लेकर व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके अलावा भी उन्होंने अधिकारियों को कई निर्देश दिए। सीएम ने अधिकारियों से साफ-साफ कहा है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धामों में दर्शन के लिए विस्तृत एसोपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया तुरंत तैयार की जाए। किसी भी धाम या पड़ाव के लिए तयम क्षमता से अधिक लोगों के आने की स्थिति में नीचे के होल्डिंग एरिया, प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित की जाए। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए चरणबद्ध तरीके के अपनाते हुए यात्रियों को भेजा जाए ताकि धामों में अव्यवस्था की स्थिति की पैदा न हो।
सीएम धामी ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के तहत श्रद्धालुओं को रोकने पर उन्हें इसके कारण, संभावित प्रतीक्षा समय और आगे की व्यवस्था की सूचना नियमित और त्वरित दी जाए। यह सुनिश्चित होना चाहिए की यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में जानकारी के अभाव का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली, एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एफएम रेडियों से सूचनाएं पहुंचाई जाएं। मौसम में बदलाव, सड़क बंद होने यातायात जाम या दर्शन में देरी जैसी स्थितियों के बारे में यात्रियों को समय रहते बताया जाए ताकि उनमें भ्रम और असंतोष पैदा ना हो। सीएम ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय समेत जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था हो।
नियम के और सख्त करते हुए अब चार धाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक यात्री वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दी गई है। सीएम धामी ने इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने को कहा है। उन्होंने यह भी निर्देशन दिए कि ट्रक और दूसरी जरूरी सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात के समय संचालन की अनुमति दी जाएगी। चारधाम यात्रा अब दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है। यहां पर प्रतिकूल मौसम सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसलिए संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड और सैटेलाइट फोन के साथ एंबुलेंस और राहत बचाव के जरूरी उपकरणों की व्यवस्थाय कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार दिलाने के लिए हेली एंबुलेंस के लिए राज्य स्तर पर नोडल अफसर नियुक्त करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर डीएम समन्वय बनाकर मरीजों को मदद मुहैया करवा सकेंगे। उन्होंने केदारनाथ पैदल मार्ग पर पर्याप्त संख्या में शेड और बारिश-धूप से बचाव की बेहतक व्यवस्था के साथ स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग पर संचालित होटल-रेस्टोरेंट और ढाबों में रेट लिस्ट अनिवार्य रुप से प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए। खाने में किसी भी तरह की गड़बड़ी ना हो इसके नियमित सैंपलिंग के निर्देश दिए गए हैं। इस यात्रा से जुड़े जिलों के जिला अधिकारिोयं और पुलिस अधिक्षकों को यात्रा प्रबंधन की निरंतर निगरानी और सही तरीके से संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
First Updated : Wednesday, 03 June 2026