लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान के बीच अब एक नया घटनाक्रम सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को पारित कराने की तैयारी में है. लगातार हो रहे हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है, जिससे यह फैसला लिया जा सकता है.
दरअसल, बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शाम पांच बजे लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देना था. लेकिन विपक्ष के जोरदार विरोध और नारेबाजी के चलते सदन में हालात बेकाबू हो गए. स्थिति को संभालने में असमर्थ रहते हुए पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी. इसी कारण प्रधानमंत्री का संबोधन टल गया.
अब सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही पारित किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि विपक्षी सांसद राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख की किताब से जुड़े कुछ अंशों का मुद्दा उठाने के बाद से सदन में हंगामा लगातार जारी है. इसी कारण सरकार सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए वैकल्पिक रास्ता अपना सकती है.
सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा में गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उच्च सदन में अपना जवाब देंगे. इसके बाद दोनों सदनों से धन्यवाद प्रस्ताव को एक ही दिन में पारित कराने की योजना है.
इसी बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि गुरुवार से लोकसभा में आम बजट 2026 पर चर्चा शुरू की जाएगी. सरकार का मानना है कि बार-बार कार्यवाही ठप होने से अहम वित्तीय कामकाज प्रभावित हो सकता है. इसलिए बजट से जुड़ी चर्चाओं में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए.
प्रधानमंत्री का संबोधन टलने के बाद सियासी बयानबाज़ी भी तेज हो गई है. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच गए थे और कुछ महिला सांसदों ने उनकी कुर्सी का घेराव किया. मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि विपक्ष का इरादा टकराव और हिंसा फैलाने का था.
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सरकार पर पलटवार किया है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री संसद में इसलिए नहीं आए क्योंकि वे सच्चाई का सामना करने से डरते हैं. इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है. First Updated : Thursday, 05 February 2026