TCS नासिक मामले में नया खुलासा, महिला ने लगाया निजी जीवन से जुड़े फैसलों को प्रभावित करने का आरोप
TCS नासिक मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए दावे और आरोप सामने आए हैं. SIT की पड़ताल में सामने आया है कि पीड़िता पर न केवल मानसिक दबाव बनाया गया बल्कि उसकी धार्मिक मान्यताओं को प्रभावित करने की भी कोशिश की गई.

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार टीसीएस (TCS) एक गंभीर विवाद के कारण चर्चा में है. महाराष्ट्र के नासिक से सामने आए एक मामले ने न केवल कॉर्पोरेट जगत को चौंकाया है, बल्कि कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानसिक उत्पीड़न जैसे मुद्दों को भी केंद्र में ला दिया है. एक महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और अब इसकी जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 वर्षीय महिला कर्मचारी ने जांच एजेंसियों को दिए अपने बयान में कई गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का कहना है कि उसके साथ न केवल मानसिक दबाव बनाया गया बल्कि उसकी धार्मिक मान्यताओं को प्रभावित करने की भी कोशिश की गई. उसने दावा किया कि उसे बार-बार कुछ धार्मिक उपदेशकों के वीडियो दिखाए जाते थे और हिंदू धार्मिक गतिविधियों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती थी.
SIT जांच में कई नए खुलासे
महिला के मुताबिक, उस पर मंदिर न जाने और धार्मिक गीत न सुनने जैसे सुझाव लगातार दिए जाते थे. उसका आरोप है कि धीरे-धीरे उसके निजी जीवन और आस्था से जुड़े फैसलों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया. इन आरोपों के बाद जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.
मामले की जांच महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित एसआईटी कर रही है. जांच के दौरान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार और निदा खान सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं. पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है. जांच एजेंसियों का कहना है कि उन्हें कई महिला कर्मचारियों की शिकायतें मिली हैं, जिनमें मानसिक प्रताड़ना, दबाव और कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं. अब तक मामले में कई एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और जांच लगातार आगे बढ़ रही है.
शादी का वादा और शोषण के आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी दानिश शेख ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए. बाद में उसे पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को महिला के बैंक खाते और यूपीआई से जुड़ी जानकारी तक पहुंच थी. एसआईटी अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं आर्थिक नियंत्रण और मानसिक दबाव का इस्तेमाल तो नहीं किया गया. जांचकर्ताओं का मानना है कि इस दिशा में मिले साक्ष्य मामले को और गंभीर बना सकते हैं.
व्हाट्सएप ग्रुप और धार्मिक प्रभाव के आरोप
चार्जशीट में आरोपी निदा खान का भी उल्लेख किया गया है. जांच के अनुसार, एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कर्मचारियों पर कथित रूप से धार्मिक प्रभाव डालने की कोशिश की जाती थी. आरोप है कि कुछ कर्मचारियों को विशेष जीवनशैली और धार्मिक तौर-तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था. हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर ही होगी, लेकिन जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क और इसकी गतिविधियों को समझने का प्रयास कर रही हैं.
100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज
पुलिस के अनुसार, अब तक 106 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें पीड़िता, उसके परिवार के सदस्य, कंपनी के कर्मचारी, POSH समिति के सदस्य और जांच अधिकारी शामिल हैं. सभी आरोपियों को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रखा गया है. जांच एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, चैट, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की सटीक तस्वीर सामने लाई जा सके.
TCS ने क्या कहा?
मामले के सार्वजनिक होने के बाद टीसीएस ने आरोपित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया. कंपनी के सीईओ के. कृतिवासन ने कहा कि संगठन अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी किसी भी प्रकार के दबाव, भेदभाव या अनुचित व्यवहार को स्वीकार नहीं करती और ऐसे मामलों में उसकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू होती है. कंपनी ने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है.


