विप्रो की पूर्व कर्मचारी का सनसनीखेज आरोप, धर्म परिवर्तन के लिए बनाया गया दबाव
पुणे स्थित विप्रो की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने अपनी महिला बॉस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और विरोध करने पर मानसिक उत्पीड़न तथा नौकरी से निकालने की धमकी देने का आरोप लगाया है.

महाराष्ट्र: धार्मिक उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की यूनिट में सामने आए विवाद के बाद अब पुणे में आईटी क्षेत्र की एक और बड़ी कंपनी विप्रो का नाम ऐसे ही आरोपों के कारण सुर्खियों में आ गया है. कंपनी की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने अपनी वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया और मना करने पर नौकरी पर खतरा मंडराने लगा.
शिकायतकर्ता महिला ने क्या बताया?
शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि वह वर्ष 2019 से 2025 तक पुणे के हिंजेवाड़ी स्थित विप्रो कार्यालय में कार्यरत थी. उसके अनुसार, उसकी महिला मैनेजर बेंगलुरु से कार्य करती थीं. वह लगातार उसे इस्लाम धर्म अपनाने और उससे जुड़ी धार्मिक परंपराओं का पालन करने के लिए प्रेरित करती थीं. महिला का आरोप है कि समय के साथ यह आग्रह दबाव में बदल गया और उसके धार्मिक विश्वासों को लेकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा.
महिला का कहना है कि जब उसने धर्म परिवर्तन से इनकार किया तो कार्यस्थल पर उसके प्रति व्यवहार और अधिक कठोर हो गया. उसने आरोप लगाया कि उसे कमजोर प्रदर्शन का हवाला देकर नकारात्मक मूल्यांकन देने व नौकरी से निकालने की चेतावनी दी गई. बढ़ते तनाव और मानसिक दबाव के चलते आखिरकार उसे अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी.
मामले में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़िता ने कानूनी मदद लेने का फैसला किया. उसने पुणे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और राज्य के मानवाधिकार संबंधित संस्थानों से भी संपर्क साधा है. शिकायत मिलने के बाद हिंजेवाड़ी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बालाजी पंढारे के अनुसार, मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी.
हिंदू जनजागृति समिति ने की पीसी
इस मुद्दे को लेकर हिंदू जनजागृति समिति ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पीड़िता के आरोपों को सार्वजनिक किया. दूसरी ओर, विप्रो ने आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा है कि कंपनी किसी भी प्रकार के भेदभाव, उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार को स्वीकार नहीं करती और ऐसी शिकायतों के प्रति उसकी नीति पूरी तरह सख्त है. कंपनी ने यह भी बताया कि जांच एजेंसियों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं और वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है. फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है.


