‘दिल्ली में सब चलता है’, क्या यही सोच बन रही है हादसों की सबसे बड़ी वजह?
मालवीय नगर होटल अग्निकांड की जांच में सामने आए कथित बयान “दिल्ली में सब चलता है” ने सुरक्षा नियमों के पालन और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे में 21 लोगों की मौत के बाद होटल मालिक पुलिस रिमांड में है, जबकि जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नियमों की अनदेखी किसकी शह पर होती रही.

नई दिल्ली: देश की राजधानी को प्रशासन, कानून और निगरानी व्यवस्था का केंद्र माना जाता है, लेकिन हर बड़े हादसे के बाद एक सवाल फिर सामने आ खड़ा होता है कि आखिर सुरक्षा नियमों के बावजूद ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं? मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जांच में सामने आई एक कथित टिप्पणी ने पूरे सिस्टम को सवालों के घेरे में ला दिया है. बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान होटल मालिक ने कहा कि उसे भरोसा दिलाया गया था कि “दिल्ली में सब चलता है.”
व्यवस्था पर सवाल
अगर यह दावा सही है तो मामला सिर्फ एक होटल या उसके मालिक तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि यह उस व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है जहां नियम मौजूद तो हैं, लेकिन उनका पालन सुनिश्चित नहीं हो पाता. अक्सर हादसों के बाद जांच शुरू होती है, जिम्मेदारों की तलाश की जाती है और कार्रवाई की घोषणाएं होती हैं, लेकिन यह सवाल बना रहता है कि खतरे के संकेत पहले क्यों नहीं दिखाई देते.
दिल्ली की यह घटना अकेली नहीं है. हाल के दिनों में बिहार के मुजफ्फरपुर और हैदराबाद में भी आग लगने की घटनाओं ने कई लोगों की जान ली. तीन अलग-अलग शहरों में हुए इन हादसों की परिस्थितियां भले अलग हों, लेकिन एक समानता साफ दिखाई देती है. सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निगरानी तंत्र की विफलता.
होटल संचालन से जुड़े कई नियमों का उल्लंघन
मालवीय नगर अग्निकांड की जांच में सामने आया है कि होटल संचालन से जुड़े कई नियमों का पालन नहीं किया गया था. सूत्रों के अनुसार, होटल मालिक ने दावा किया है कि उसे बताया गया था कि इमारत की ऊंचाई निर्धारित सीमा से कम होने के कारण फायर एनओसी की जरूरत नहीं है. उसने यह भी कहा कि भवन विस्तार और अतिरिक्त कमरों के निर्माण को लेकर उसे किसी तरह की परेशानी नहीं होने का भरोसा दिया गया था.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर वे लोग कौन थे जिन्होंने होटल संचालक को ऐसे आश्वासन दिए. मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, जबकि होटल मैनेजर और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है.
हादसे के बाद जांच तेज
हादसे के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है. भवन से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है, फायर सेफ्टी मानकों की पड़ताल हो रही है और शहरभर में सुरक्षा ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की गई है.


