राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने घोषित किए 11 उम्मीदवार, कई राज्यों में नए और अनुभवी चेहरों को मिला मौका
बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए मध्य प्रदेश से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल, जबकि राजस्थान से अलका गुर्जर और सतीश पूनिया को उम्मीदवार बनाया है.

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. पार्टी ने विभिन्न राज्यों से कुल 11 नेताओं को मैदान में उतारा है. इस सूची में संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी अवसर दिया गया है. उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी ने क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है.
मध्य प्रदेश से तरुण चुग बने उम्मीदवार
मध्य प्रदेश से बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है. लंबे समय से संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे तरुण चुग को उच्च सदन में भेजने का फैसला राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उनके साथ रजनीश अग्रवाल को भी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है. माना जा रहा है कि दोनों नेताओं को संगठन में उनके योगदान का पुरस्कार मिला है.
राजस्थान में पार्टी ने इस बार कुछ अलग रणनीति अपनाई है. केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को टिकट नहीं दिया गया है. उनकी जगह डॉक्टर अलका गुर्जर और वरिष्ठ नेता डॉक्टर सतीश पूनिया को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है. पार्टी के इस फैसले को राजस्थान में संगठनात्मक समीकरणों को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है.
भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने विभिन्न प्रदेशों में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव एवं ओडिशा के उप-चुनाव 2026 हेतु निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। pic.twitter.com/SNA6aMsDlC
— BJP (@BJP4India) June 4, 2026
अन्य राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश से ताई तागाक को उम्मीदवार बनाया गया है. गुजरात से पार्टी ने चार नेताओं पर भरोसा जताया है, जिनमें राजुभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जीतेन्द्र मेघजीभाई कंजारिया शामिल हैं. वहीं मणिपुर से ए. शारदा देवी को उम्मीदवार घोषित किया गया है.
राजनीतिक जानकारों का क्या मानना है?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिन राज्यों से ये उम्मीदवार उतारे गए हैं, वहां बीजेपी की स्थिति काफी मजबूत है. ऐसे में अधिकांश उम्मीदवारों की जीत की संभावना प्रबल मानी जा रही है. पार्टी ने इस सूची के जरिए एक ओर अनुभवी नेताओं को सम्मान देने का प्रयास किया है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक संतुलन का भी ध्यान रखा है.
राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी इस घोषणा के बाद संबंधित राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. अब सभी की नजरें चुनाव प्रक्रिया और उसके अंतिम परिणामों पर टिकी हुई हैं.


