नई दिल्ली : मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की शादी चर्चा का विषय बनी हुई है. 2014 बैच के अधिकारी अवि प्रसाद ने 11 फरवरी को एक निजी समारोह में नई जीवनसंगिनी के साथ सात फेरे लिए. उनकी यह शादी इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी तीनों पत्नियां प्रशासनिक सेवा से ही जुड़ी रही हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों ने इस खबर को नई हवा दी है, जिसे अब उनके निजी जीवन का नया और सुखद अध्याय माना जा रहा है.
आपको बता दें कि अवि प्रसाद की नई पत्नी अंकिता धाकरे 2017 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. दोनों ने अपनी शादी के लिए मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कुनो नेशनल पार्क को चुना. 11 फरवरी को हुए इस भव्य लेकिन निजी समारोह में परिवार के करीबी लोग ही शामिल हुए थे. हालांकि प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस विवाह को लेकर काफी चर्चाएं हैं, लेकिन अधिकारियों ने इसे पूरी तरह से अवि प्रसाद का निजी फैसला और उनके जीवन का व्यक्तिगत मामला ही बताया है.
अवि प्रसाद का करियर काफी प्रभावशाली रहा है. उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के रहने वाले अवि ने 2013 में यूपीपीएससी की परीक्षा पास कर आईपीएस में अपनी जगह बनाई थी. लेकिन उनकी मंजिल और बड़ी थी. अगले ही साल उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पूरे भारत में 13वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया. वे एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनके दादा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की कैबिनेट में मंत्री थे.
अवि प्रसाद की वैवाहिक यात्रा की शुरुआत आईएएस अधिकारी रिजू बाफना के साथ हुई थी. इन दोनों की मुलाकात दिल्ली में सिविल सेवा की तैयारी के दौरान हुई थी. साथ पढ़ते हुए शुरू हुआ यह रिश्ता विवाह में बदला, लेकिन कुछ सालों बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया. रिजू बाफना वर्तमान में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. यह उनकी पहली शादी थी जो काफी समय तक चर्चा में रही थी.
पहली पत्नी से अलग होने के बाद अवि प्रसाद ने 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से विवाह किया था. शादी के बाद मिशा सिंह ने अपना कैडर बदलकर मध्य प्रदेश करा लिया था ताकि दोनों साथ रह सकें. हालांकि, यह रिश्ता भी बहुत लंबा नहीं चल सका और करीब चार साल बाद दोनों के बीच तलाक हो गया. मिशा सिंह वर्तमान में रतलाम जिले की कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं और एक सक्षम अधिकारी मानी जाती हैं.
अवि प्रसाद केवल अपने निजी जीवन ही नहीं, बल्कि अपने बेहतरीन प्रशासनिक कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं. कटनी के कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ जो अभियान चलाया, उसकी प्रदेश स्तर पर काफी प्रशंसा हुई थी. उन्होंने जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर जैसे कई अहम पदों पर अपनी योग्यता साबित की है. वर्तमान में वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर तैनात होकर अपनी नई जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहे हैं. First Updated : Monday, 16 February 2026