मध्य प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द

मध्य प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द हो गया है. इस बात का दावा मंत्री राकेश सिंह ने किया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निरस्त कर दिया गया है. इस फैसले के बाद राज्यसभा चुनाव का समीकरण पूरी तरह बदल गया है और अब मुकाबले में केवल भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ही शेष रह गए हैं.

क्या है नामांकन रद्द की वजह? 

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के पीछे भाजपा की ओर से उठाई गई आपत्तियों को अहम माना जा रहा है. भाजपा ने आरोप लगाया था कि नामांकन पत्र में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई गई हैं. विशेष रूप से यह दावा किया गया कि उम्मीदवार ने अपने खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी का पूरा खुलासा नहीं किया. इसी आधार पर नामांकन पर सवाल उठाए गए थे.

मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मानी जाती हैं और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनके करीबी संबंध बताए जाते हैं. ऐसे में उनका नामांकन रद्द होना कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. खासकर तब जब राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां पहले से ही तेज थीं.

राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा की प्रतिक्रिया 

इस मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरे मामले को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. उनके अनुसार, केवल एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें 10 करोड़ रुपये के मुआवजे से जुड़ी संभावित कार्रवाई पर जवाब मांगा गया था. उन्होंने कहा कि इस नोटिस का विधिक रूप से जवाब भी दिया जा चुका है और किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज नहीं हुई है.

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रतिक्रिया 

वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की संभावित सीट हासिल करने के लिए राजनीतिक मर्यादाओं को दरकिनार कर रही है. कमलनाथ ने दावा किया कि कांग्रेस विधायकों को ले जा रही उड़ान में भी अनावश्यक देरी की गई और बाद में उम्मीदवार के नामांकन के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण तरीके से आपत्तियां दर्ज कराई गईं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा परिसर में भाजपा नेताओं द्वारा हंगामा किया गया.

18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए पहले कुल चार उम्मीदवार मैदान में थे. लेकिन मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद अब केवल तीन उम्मीदवार बचे हैं और तीनों भाजपा से संबंधित हैं. चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने लगभग 48 विधायकों को बेंगलुरु भेज दिया था, ताकि किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके. इस पूरे घटनाक्रम ने राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.

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