मुंबई: विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) महायुति सरकार को बजट सत्र में भ्रष्टाचार के मामलों और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर कड़ी घेराबंदी करने की तैयारी में था, लेकिन सत्र शुरू होने की पूर्व संध्या पर ही लोगों के बीच दरार साफ नजर आने लगी. एनसीपी इस अहम मीटिंग में शामिल नहीं हुई, जिससे पूरे गठबंधन को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा.
जबकि एनसीपी ने मीटिंग का बहिष्कार अपने गठबंधन साझेदारों के राज्यसभा चुनावों से जुड़े बयानों पर नाराजगी जताते हुए किया, एमवीए ने इसे मात्र संचार अंतर बताया. पार्टी ने स्पष्ट किया कि कुछ एनसीपी नेता बाहर थे और बाकी काम के कारण देर से पहुंच सके.
रविवार को हुई मीटिंग के बाद नारिमन पॉइंट स्थित शिवसेना कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई. राज्य सरकार की पारंपरिक चाय पार्टी का बहिष्कार करने के बाद एमवीए ने महायुति पर घमंड और गरिमा की कमी का आरोप लगाया. विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति न करने के मुद्दे को उठाते हुए गठबंधन ने कहा कि भाजपा विपक्ष से डरी हुई है. साथ ही उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पिछले महीने हुई विमान दुर्घटना पर राज्य सरकार के अस्पष्ट रुख की भी तीखी आलोचना की.
विपक्ष ने महायुति सरकार पर एफडीए मंत्री नरहरी जिरवाल के कार्यालय पर पिछले सप्ताह हुई एसीबी छापेमारी को भी मुद्दा बनाया. कांग्रेस नेता और पूर्व गृह राज्यमंत्री सतेज पाटिल ने कहा कि एसीबी मंत्रालय में सीएम और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी के बिना कोई छापा नहीं मार सकती. उन्होंने कहा कि मैं गृह राज्य मंत्री रह चुका हूं और मैंने पुलिस बल के कामकाज को देखा है. फडनाविस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यह छापा एनसीपी को घेरने के लिए मारा गया था. पाटिल ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार किसानों के विरोध के बावजूद शक्तिपीठ महामार्ग पर काम आगे बढ़ा रही है. उन्होंने परियोजना की लागत ₹86,000 करोड़ से बढ़कर ₹1.02 लाख करोड़ होने पर सवाल उठाया.
एमवीए ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बाद सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों के गिरते दामों पर भी महायुति को घेरा. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि किसानों की उपज के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे गिर जाने के कारण निजी व्यापारी उन्हें लूट रहे हैं. सोयाबीन 4,000 रुपये प्रति क्विंटल और मक्का 1,600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है. सरकार की नाकामी के कारण किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं.
शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे ने मुलुंड में मेट्रो साइट पर निर्माणाधीन पैरापेट के नीचे ऑटोरिक्शा कुचलने वाली दुर्घटना में दो लोगों की मौत पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि मुआवजा पांच लाख रुपये था. क्या हमारे राज्य में अब एक इंसान की जान की यही कीमत है? शहरी इलाकों में नौकरियां नहीं हैं, और सड़कों पर चलने वाले आम लोग बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बोझ तले दब रहे हैं. आखिर यह राज्य किसके लिए और किस उद्देश्य से चलाया जा रहा है?
चाय पार्टी के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष की आलोचना का जवाब दिया. हमें विपक्ष से इसके बहिष्कार के बारे में एक पत्र मिला था, लेकिन शरद पवार के समूह के विधायक अनुपस्थित थे, इसलिए उन्होंने एक पूर्व विधायक के हस्ताक्षर भी ले लिए फडणवीस ने कहा. विपक्ष बार-बार जनता के जनादेश का अपमान करता है. वे दावा करते हैं कि सत्ताधारी पक्ष अहंकारी और सत्ता के नशे में चूर है, जिससे जनादेश का अनादर होता है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट सत्र में 15 विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें दो लंबित विधेयक शामिल हैं. उन्होंने कहा कि हम एक अच्छा बजट पेश करने का प्रयास करेंगे. आम जनता को राहत प्रदान करते हुए, राज्य के वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाना आवश्यक है. हम एक विकासशील अर्थव्यवस्था हैं, इसलिए हर बजट में सावधानीपूर्वक संतुलन की आवश्यकता होती है. फडणवीस ने कहा कि खजाने पर दबाव के बावजूद महायुति अपनी विभिन्न लोकप्रिय योजनाओं को जारी रखेगी. First Updated : Monday, 23 February 2026