Uttarkashi Flood: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को बादल फटने से भारी तबाही मच गई. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. पहाड़ी इलाकों से बहकर आए मलबे में कई घर तबाह हो गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई है. स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए हेल्पलाइन नंबर 01374222126, 9456556431 जारी कर दिए हैं.
स्थानीय निवासियों के अनुसार, मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे के आसपास आई इस बाढ़ ने धराली क्षेत्र में भारी तबाही मचाई. एक निवासी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, 'हमने कभी ऐसा मंजर नहीं देखा. फ्लड आने के बाद 60-70 लोग लापता हैं और उनका संपर्क नहीं हो पा रहा है.' बादल फटने से यहां के होटल, लॉज, मार्केट और गांव पूरी तरह से तबाह हो गए हैं.
एक दूसरे प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, 'कल रात से लगातार बारिश हो रही थी और खीरगंगा नदी में बादल फटने से भारी तबाही मची. यह मंजर केदारनाथ त्रासदी की याद दिला रहा है.' उन्होंने बताया कि इस आपदा में 100 से अधिक लोग दबे हुए हैं. हालांकि, प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. सेना भी जल्द ही राहत कार्यों में शामिल होगी. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने फोन पर उत्तरकाशी जिले में हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का जायजा लिया. उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी गई. अमित शाह ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
इस घटना के बाद गंगोत्री धाम का संपर्क जिले के मुख्यालय से पूरी तरह कट चुका है. धराली में जलस्तर बढ़ने के कारण बाजारों और घरों का भारी नुकसान हुआ है. वहीं, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है. First Updated : Tuesday, 05 August 2025