मुर्शिदाबाद में वक्फ विवाद ने ली बाप-बेटे की जान, उग्र भीड़ की हिंसा से दहशत

Wakf ज़मीन के विवाद ने Murshidabad के शमशेरगंज को दहला दिया है, जहां Father-Son की नृशंस हत्या से इलाका सिहर उठा. हिंसा की आग में लूटपाट और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और स्थानीय लोग भय के साए में जी रहे हैं. स्थिति को काबू में रखने के लिए Police ने भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात कर दिए हैं और जांच तेज़ी से जारी है.

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल के Murshidabad ज़िले में वक्फ संपत्ति को लेकर फैली हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को Shamsherganj इलाके में स्थिति तब और भयावह हो गई जब एक बुज़ुर्ग और उसके बेटे की Sharp weapons से बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान 74 वर्षीय हरगोविंद दास और उनके 40 वर्षीय बेटे चंदन दास के रूप में हुई है। दोनों का शव खून से सना उनके ही घर से बरामद किया गया।

लूटपाट, तोड़फोड़ और हत्या की वारदात

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हथियारों से लैस कुछ हमलावरों ने रात के अंधेरे में दास परिवार के घर पर धावा बोल दिया। लूट और संपत्ति नष्ट करने की नीयत से आई भीड़ को रोकने की कोशिश में पिता-पुत्र को जान गंवानी पड़ी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है।

मदद की पुकार रह गई अनसुनी

परिजनों ने दावा किया कि उन्होंने कई बार पुलिस को फोन किया, लेकिन कोई समय पर नहीं पहुंचा। अगर पुलिस ने तत्परता दिखाई होती, तो शायद जान बचाई जा सकती थी। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए फरक्का अस्पताल भेजा गया है और मामले की जांच जारी है।

गोली से घायल युवक ने तोड़ा दम

इसी हिंसा की कड़ी में, सुती इलाके के साजुर मोड़ के पास शुक्रवार को गोली से घायल हुए एक युवक एजाज अहमद (21) की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसे पुलिस की गोली लगी थी। यह मामला भी जांच के दायरे में है और मृतक के शव को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में रखा गया है।

भाजपा ने ममता सरकार को ठहराया जिम्मेदार

इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा नेता अमित मालवीय और प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। मालवीय ने ट्वीट कर कहा कि "ममता के संरक्षण में पले मुस्लिम गुंडों" ने निर्दोष हिंदुओं की हत्या की है और अब समय है कि मुख्यमंत्री पर कानूनी कार्रवाई हो। वहीं सुकांत मजूमदार ने ममता पर हिंसा भड़काने और अल्पसंख्यकों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।

प्रशासन पर पक्षपात का आरोप

भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन कानून के विरोध में अल्पसंख्यकों की बड़ी रैली सरकार की अनुमति से हुई थी, और वहां दिए गए उकसावे भरे भाषणों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे राज्य में अशांति फैलाने के संकेत मिलते हैं। विपक्ष ने सवाल उठाया कि जब राजधानी कोलकाता में ऐसे बयान दिए गए, तब मुख्यमंत्री ने चुप्पी क्यों साधे रखी?

अभी बना हुआ भय का माहौल 

मुर्शिदाबाद के जंगीपुर, सुती, धुलियान, जाफराबाद और शमशेरगंज जैसे क्षेत्रों मं तनाव बरकरार है. प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्क है,  लेकिन लोगों के बीच भय का माहौल अभी बना हुआ है. 

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