वकील बनने वाले बताओ…अब तक नक्सलवाद क्यों नहीं खत्म हुआ? अमित शाह ने संसद में उठाए तीखे सवाल
आज अमित शाह ने संसद में नक्सलवाद पर जोरदार भाषण देते हुए कई बड़े सवाल उठाए हैं. उन्होंने नक्सलवाद की वकालत करने वालों से तीखें सवाल किए हैं.

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में लोकसभा में नक्सलवाद पर जोरदार भाषण देते हुए पुराने सवालों को उठाया. उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है और अब वहां तेजी से विकास हो रहा है. शाह ने उन लोगों पर सवाल किया जो नक्सलवाद की वकालत करते रहे हैं.
बस्तर में बदलाव की कहानी
अमित शाह ने बताया कि बस्तर के हर गांव में स्कूल खोले गए हैं. राशन की दुकानें शुरू की गई और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए. लोगों को आधार और राशन कार्ड दिए गए, जिससे उन्हें 5 किलो अनाज मिलने लगा. उन्होंने कहा कि पहले रेड टेरर की वजह से विकास नहीं पहुंच पाया. अब वह छाया हट गई है और बस्तर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है.
शाह ने पूछा- जो लोग यहां नक्सलवाद की पैरवी करते थे, उन्होंने इन सुविधाओं को क्यों नहीं पहुंचाया? आदिवासी इलाकों को विकास से दूर रखा गया क्योंकि हिंसा का माहौल बना रहा.
संविधान और कानून का रास्ता
गृह मंत्री ने सशस्त्र आंदोलन की वकालत करने वालों से सीधा सवाल किया- क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे? अन्याय हो तो अदालतें, विधानसभाएं और पंचायतें हैं. उन्होंने कहा कि वह दौर अब खत्म हो गया है. नरेंद्र मोदी सरकार में हथियार उठाने वालों को जवाबदेह बनाया जाएगा. सरकार हर शिकायत सुनने और हल करने के लिए तैयार है.
कांग्रेस पर सवाल
अमित शाह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल में से 60 साल कांग्रेस की सरकार रही, फिर भी आदिवासी समुदाय विकास से क्यों वंचित रहा? स्कूल, साफ पानी, घर, मोबाइल टावर और बैंकिंग सुविधाएं क्यों नहीं पहुंचाई गई? अब वही लोग जवाबदेही मांग रहे हैं. मोदी सरकार आने के बाद इन इलाकों में असली विकास शुरू हुआ है.
नक्सलवाद का अंतिम लक्ष्य
शाह ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद किसी भी समाज का भला नहीं करता. यह सिर्फ तबाही लाता है. उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि हथियार निचे कर मुख्यधारा में आ जाएं. सरकार उन्हें सम्मानजनक पुनर्वास देगी, लेकिन हिंसा जारी रखने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
वकीलों से सवाल
जो भविष्य में वकील बनने वाले हैं, उनसे अमित शाह का संदेश साफ है कि नक्सलवाद खत्म क्यों नहीं हुआ, इसका जवाब दीजिए. क्या हिंसा से न्याय मिलता है या कानूनी रास्ते से? सरकार विकास और सुरक्षा दोनों पर जोर दे रही है. बस्तर जैसे क्षेत्र अब नई पहचान बना रहे हैं.


