राज्यसभा चुनाव में NDA का दबदबा, 24 सीटें निर्विरोध जीते, आज होगा नटराजन की किस्मत पर फैसला
राज्यसभा की 27 सीटों में से 24 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है. निर्विरोध चुने गए प्रमुख नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के मीडिया व प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा, भाजपा नेता सतीश पूनिया और तरुण चुघ शामिल हैं.

नई दिल्ली: देश में राज्यसभा की खाली सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. राज्यसभा की 27 सीटों में से 24 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है. निर्विरोध चुने गए प्रमुख नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी के मीडिया व प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा, भाजपा नेता सतीश पूनिया और तरुण चुघ शामिल हैं. शेष तीन सीटों को छोड़कर बाकी सभी सीटों के नतीजे स्पष्ट हो चुके हैं, जिनमें से 19 सीटों पर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और पांच सीटों पर कांग्रेस को सफलता मिली है.
मध्य प्रदेश में कांग्रेस को झटका
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उसकी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच के दौरान निरस्त कर दिया गया. उन पर अपने नामांकन में आपराधिक प्रकरण का उल्लेख नहीं करने का आरोप था.
कांग्रेस को कोई राहत नहीं
इस मामले में निर्वाचन आयोग और सुप्रीम कोर्ट से भी कांग्रेस को कोई राहत नहीं मिली. मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने के बाद सूबे की तीनों सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया. रिटर्निंग आफिसर अरविंद शर्मा ने भाजपा के तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्वाचित घोषित करते हुए प्रमाण पत्र सौंप दिया.
अन्य राज्यों की स्थिति और 18 जून को मुकाबला
ओडिशा में बीजद छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सामंतराय अकेले उम्मीदवार होने के कारण निर्विरोध चुने गए। वहीं, तमिलनाडु से सत्ताधारी टीवीके के समर्थन से कांग्रेस उम्मीदवार प्रवीण चक्रवर्ती को जीत मिली. अब सबकी नजरें झारखंड की दो और मिजोरम की एक सीट पर टिकी हैं. जहां 18 जून को मतदान होना है. विशेषकर झारखंड में मुकाबला काफी दिलचस्प और कड़ा होने की उम्मीद है. जहां झामुमो के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय परिमल नाथवानी आमने-सामने हैं.
कर्नाटक और गुजरात का चुनावी गणित
कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन एक निर्दलीय प्रत्याशी का नाम खारिज होने के बाद मुकाबला खत्म हो गया. यहां से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सचिव मंसूर अली खान, पवन खेड़ा और भाजपा के एम नागराज निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की संसद में पांच दशकों से चली आ रही लंबी पारी का अंत हो जाएगा.
कांग्रेस द्वारा कोई उम्मीदवार नहीं उतरे
उधर, गुजरात में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा कोई उम्मीदवार न उतारे जाने के कारण सत्तारूढ़ भाजपा के चारों प्रत्याशी राजूभाई शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेशभाई राठवा और जितेंद्र कंजारिया निर्विरोध चुन लिए गए हैं.


