नई दिल्ली: दिल्ली के कनॉट प्लेस में गुरुवार को सभी दुकानों, कार्यालयों और रेस्टोरेंट्स को शाम 6:30 बजे तक बंद रखने की एडवाइजरी जारी की गई है. यह सलाह नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) की ओर से जारी की गई, जिसमें कहा गया कि यह कदम नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) की चेयरपर्सन और वाइस चेयरपर्सन से मिले सुझाव के बाद उठाया गया है. व्यापारियों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा के मद्देनजर निर्देशों का पालन करें और समय से पहले अपनी दुकाने बंद कर दें.
NDTA के अध्यक्ष अतुल भार्गव द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सभी व्यावसायिक दुकानों का सहयोग जरूरी है. संगठन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य किसी भी संभावित अप्रिय घटना, संपत्ति के नुकसान या लोगों के घायल होने जैसी स्थितियों से बचाव करना है.
यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में NEET पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. वहीं इस पूरे विवाद पर हाल ही में संसद की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी.
वहीं आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इस एडवाइजरी और इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कनॉट प्लेस में सुरक्षा बलों और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाई गई है और पूछा कि क्या प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ फिर से कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत दिल्ली पुलिस की निवारक हिरासत संबंधी शक्तियों के विस्तार को लेकर भी चर्चा तेज हो गई. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया नियमित प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है और इसका मौजूदा प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है. पुलिस के अनुसार, यह अधिकार हर तीन महीने में नियमित रूप से बढ़ाया जाता है. मौजूदा आदेश 19 जुलाई से 18 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा और इसे पहले से तय प्रक्रिया के तहत लागू किया गया है.
दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि NSA से जुड़े आदेश को CJP के विरोध प्रदर्शन से जोड़कर देखना सही नहीं है. पुलिस के मुताबिक, कुछ रिपोर्टों में इस नियमित प्रक्रिया को मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर पेश किया गया, जबकि इसका उद्देश्य केवल प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखना है. First Updated : Thursday, 23 July 2026