राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस सप्ताह की शुरुआत में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की जांच शुरू की, जिसमें 26 नागरिकों की जान चली गई थी. केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद एनआईए ने औपचारिक रूप से इस मामले की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली.
बुधवार से, एनआईए की टीमों ने हमले के स्थल पर डेरा डाला और सबूतों की खोज तेज कर दी. एजेंसी के एक आईजी, एक डीआईजी और एक एसपी के नेतृत्व में गठित टीमें उन चश्मदीदों से पूछताछ कर रही हैं, जिन्होंने शांत और खूबसूरत बैसरन घाटी में आतंकवादी हमले को अपनी आंखों से देखा. ये टीमें घटनाक्रम की सभी बारीकियों को एकत्र करने में जुटी हैं, ताकि इस हमले के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की जा सके. इसके साथ ही, जांच के तहत मृतकों के परिवारों से भी मुलाकात की गई और उनका बयान दर्ज किया गया.
एनआईए की एक तीन सदस्यीय टीम ने शनिवार को ओडिशा के बालासोर जिले का दौरा किया, जहां हमले में मारे गए एक पीड़ित, सीआईपीईटी कर्मचारी प्रशांत सत्पथी की पत्नी प्रिया दर्शनी आचार्या से बयान लिया. आचार्या और उनका 9 वर्षीय बेटा तनुज हमले के प्रत्यक्षदर्शी थे और उनका बयान जांच के लिए अहम माना जा रहा है.
इसके बाद, एनआईए की टीम ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की. टीम ने समीर गुहा के परिवार के सदस्यों से बयान लिया, जो कोलकाता के बेहाला में रहते थे. इसके अलावा, एक अन्य पीड़ित बिटा अधिकारी की पत्नी से बैष्णभघाटा इलाके में बयान लिया गया. इस हमले में पश्चिम बंगाल से तीन लोग मारे गए थे, जिनमें बिटा अधिकारी, समीर गुहा और मनीष रंजन शामिल थे. एनआईए की यह जांच हमले के सभी पहलुओं को उजागर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. First Updated : Sunday, 27 April 2025