Wakf Amendment Bill: वक्फ(संशोधन) विधेयक को लेकर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है. विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने इस विधेयक के विरोध में साझा रणनीति तैयार करने के लिए मंगलवार को अहम बैठक की. इस विवादास्पद विधेयक पर सबसे पहले लोकसभा में चर्चा और मतदान होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर विपक्षी दलों ने कमर कस ली है.
इंडिया ब्लॉक के वरिष्ठ नेताओं ने संसद भवन में बैठक कर इस विधेयक के खिलाफ अपनी रणनीति पर विचार-विमर्श किया. इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, एनसीपी की सुप्रिया सुले, टीएमसी के कल्याण बनर्जी और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
बैठक में डीएमके के टीआर बालू, तिरुचि शिवा और कनिमोझी, राजद के मनोज कुमार झा, सीपीआई-एम के जॉन ब्रिटास, सीपीआई के संतोष कुमार पी, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन और वाइको भी शामिल हुए. एक्स पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा कि, "सभी विपक्षी दल एकजुट हैं. वे वक्फ संशोधन विधेयक पर मोदी सरकार के असंवैधानिक और विभाजनकारी एजेंडे को हराने के लिए संसद के पटल पर मिलकर काम करेंगे."
फेसबुक पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी नेताओं ने एकजुट होकर इस विधेयक का विरोध करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा, "बैठक के दौरान हमने वक्फ विधेयक पर विस्तृत चर्चा की जो कल संसद में पेश किया जाएगा."
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस विधेयक को "संवैधानिक मूल्यों पर हमला" बताते हुए कहा, "यह विधेयक वास्तव में एक लक्षित कानून है. यह असंवैधानिक भी है. हम, भारतीय दल, जो संविधान में विश्वास करते हैं, इस विधेयक के खिलाफ मतदान करेंगे."
कांग्रेस नेता ने कहा कि ईसाई समुदाय की अपने चर्चों के संबंध में चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि मुनंबम वक्फ भूमि विवाद का मुद्दा सुलझ जाए." गौरतलब है कि केरल के एर्नाकुलम जिले में 400 एकड़ भूमि को लेकर विवाद चल रहा है.
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, "वे (बीजेपी) हर उस धर्म का विरोध करने की कोशिश कर रहे हैं जो अल्पसंख्यक है. हम, इंडिया ब्लॉक, पूरी ताकत से इसका विरोध करेंगे क्योंकि यह संविधान विरोधी है."
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि, वह चर्चा और मतदान में भी भाग लेंगे. वह चर्चा करना चाहते हैं लेकिन बीजेपी ऐसा नहीं करना चाहती. वह संसद के पटल पर इस मामले पर चर्चा करना चाहते हैं.
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि अगर केंद्र सरकार विपक्ष को दबाने की कोशिश करेगी, तो उसे इस विधेयक को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने कहा, "हम विधेयक के विरोध में खड़े हैं क्योंकि यह असंवैधानिक है. यह डॉग व्हिसल पॉलिटिक्स का पर्याय है."
डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा, "भारत गठबंधन एकजुट है और हम एकजुट होकर अपनी राय व्यक्त करेंगे. हम धर्मनिरपेक्षता और देश के अल्पसंख्यकों और बहुसंख्यकों की सुरक्षा में विश्वास करते हैं. हम संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े होंगे." First Updated : Wednesday, 02 April 2025