सुबह-सुबह ईमेल से नौकरी खत्म! भारत और अन्य क्षेत्रों में ऑरेकल की छंटनी से कर्मचारी सदमे में
ओरेकल कॉर्पोरेशन ने वैश्विक स्तर पर छंटनी शुरू की है, जिसमें भारत समेत कई देशों के कर्मचारी प्रभावित हुए हैं.

कई सप्ताह से चल रही अटकलों के बीच अब यह सामने आया है कि टेक कंपनी ओरेकल कॉर्पोरेशन ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस बार इसका असर केवल एक-दो विभागों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत सहित कई देशों और विभिन्न टीमों पर पड़ा है. कर्मचारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, कई लोगों को सुबह-सुबह ईमेल के जरिए सूचित किया गया कि उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा रही हैं.
कर्मचारियों को सुबह 5 या 6 बजे ईमेल मिला
बताया जा रहा है कि यह छंटनी कंपनी के कंप्यूटिंग और क्लाउड से जुड़े कारोबार को प्रभावित कर रही है, जिसमें भारत और मैक्सिको जैसे प्रमुख केंद्र भी शामिल हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और प्रोफेशनल फोरम्स पर कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह प्रक्रिया अचानक और बिना किसी पूर्व सूचना के लागू की गई. कई मामलों में कर्मचारियों को सुबह 5 या 6 बजे ईमेल मिला और उसी समय उनकी आंतरिक सिस्टम तक पहुंच भी बंद कर दी गई.
भारत में स्थिति विशेष रूप से गंभीर बताई जा रही है. अनौपचारिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ टीमों में 40 से 50 प्रतिशत तक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है. एक कर्मचारी ने बताया कि 20 सदस्यों की टीम में से 6 लोगों को एक साथ नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया, जिससे कार्यबल पर बड़ा असर पड़ा है.
कंपनी ने छंटनी के आंकड़े नहीं किए जारी
हालांकि कंपनी ने अब तक आधिकारिक तौर पर छंटनी के आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन विभिन्न रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर 20,000 से 30,000 कर्मचारियों को निकाला जा सकता है, जो कुल कार्यबल का लगभग 15 से 18 प्रतिशत हो सकता है. प्रभावित कर्मचारियों में क्लाउड, इंजीनियरिंग और टेक्निकल भूमिकाओं से जुड़े लोग अधिक बताए जा रहे हैं.
कर्मचारियों ने इस प्रक्रिया को बेहद असंवेदनशील बताया है, क्योंकि इसमें न तो किसी तरह की पूर्व चर्चा हुई और न ही कोई ट्रांजिशन पीरियड दिया गया. कई लोगों ने कहा कि वर्षों की सेवा के बाद इस तरह अचानक नौकरी खोना उनके लिए बड़ा झटका है.
विशेषज्ञों का क्या मानना है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कंपनी के बड़े पुनर्गठन का हिस्सा हो सकता है. ओरेकल कॉर्पोरेशन इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है और संभव है कि संसाधनों को इन प्राथमिक क्षेत्रों में केंद्रित करने के लिए यह निर्णय लिया गया हो. इससे पहले अमेजन जैसी कंपनियां भी इसी तरह की रणनीति अपनाते हुए छंटनी कर चुकी हैं.
हालांकि कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि एआई को कारण बताना केवल एक बहाना हो सकता है और असल वजह टेक इंडस्ट्री में जरूरत से ज्यादा हुई भर्ती को संतुलित करना है. फिलहाल, इस छंटनी ने टेक सेक्टर में काम कर रहे हजारों कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है.


